किष्किन्धाकाण्ड · श्लोक · श्लोक
कुन्देन्दीवरसुन्दरावतिबलौ विज्ञानधामावुभौ
मूल पाठ
कुन्देन्दीवरसुन्दरावतिबलौ विज्ञानधामावुभौ
शोभाढ्यौ वरधन्विनौ श्रुतिनुतौ गोविप्रवृन्दप्रियौ।
मायामानुषरूपिणौ रघुवरौ सद्धर्मवन्तौ हितौ
सीतान्वेषणतत्परौ पथिगतौ भक्तिप्रदौ तौ हि नः॥१॥
स्रोत अभिलेख मंगलाचरण · पुस्तक पृ. 681, 682
भावार्थ
मूल पाठ के बादकुन्दपुष्प और नील कमलके समान सुन्दर गौर एवं श्यामवर्ण, अत्यन्त बलवान्, विज्ञानके धाम, शोभासम्पन्न, श्रेष्ठ धनुर्धर, वेदोंके द्वारा वन्दित, गौ एवं ब्राह्मणोंके समूहके प्रिय [अथवा प्रेमी], मायासे मनुष्यरूप धारण किये हुए, श्रेष्ठ धर्मके लिये कवचस्वरूप, सबके हितकारी, श्रीसीताजीकी खोजमें लगे हुए, पथिकरूप रघुकुलके श्रेष्ठ श्रीरामजी और श्रीलक्ष्मणजी दोनों भाई निश्चय ही हमें भक्तिप्रद हों॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 681 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1कुन्देन्दीवरसुन्दरावतिबलौ विज्ञानधामावुभौ
English explanation
Rama and Lakshmana are beautiful like jasmine and the blue lotus, exceedingly strong, and both abodes of profound knowledge.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुन्देन्दीवरसुन्दरावतिबलौ | कुंद-पुष्प और नीलकमल जैसे सुंदर तथा अत्यंत बलवान दोनों | the two, beautiful like jasmine and the blue lotus, and exceedingly strong |
| विज्ञानधामावुभौ | दोनों विशिष्ट ज्ञान के धाम | both abodes of profound knowledge |
2शोभाढ्यौ वरधन्विनौ श्रुतिनुतौ गोविप्रवृन्दप्रियौ।
English explanation
Both are radiant, excellent archers, praised by the Vedas, and dear to cows and the community of Brahmins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| शोभाढ्यौ | शोभा से संपन्न दोनों | both endowed with splendor |
| वरधन्विनौ | दोनों श्रेष्ठ धनुर्धर | both excellent archers |
| श्रुतिनुतौ | वेदों द्वारा स्तुत दोनों | both praised by the Vedas |
| गोविप्रवृन्दप्रियौ | गायों और ब्राह्मण-समुदाय के प्रिय दोनों | both dear to cows and the community of Brahmins |
3मायामानुषरूपिणौ रघुवरौ सद्धर्मवन्तौ हितौ
English explanation
Assuming human form through maya, those two foremost descendants of Raghu uphold true dharma and are benevolent.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मायामानुषरूपिणौ | माया से मनुष्य-रूप धारण करने वाले दोनों | both assuming human form through maya |
| रघुवरौ | रघुकुल के दो श्रेष्ठ पुरुष, राम और लक्ष्मण | the two foremost men of Raghu’s lineage, Rama and Lakshmana |
| सद्धर्मवन्तौ | सच्चे धर्म से संपन्न दोनों | both endowed with true dharma |
| हितौ | दोनों हितकारी | both benevolent |
4सीतान्वेषणतत्परौ पथिगतौ भक्तिप्रदौ तौ हि नः॥१॥
English explanation
Those two, intent on searching for Sita and journeying along the path, indeed bestow devotion upon us.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीतान्वेषणतत्परौ | सीता की खोज में तत्पर दोनों | both intent on searching for Sita |
| पथिगतौ | मार्ग पर चले हुए दोनों | both journeying along the path |
| भक्तिप्रदौ | भक्ति प्रदान करने वाले दोनों | both bestowers of devotion |
| तौ | वे दोनों | those two |
| हि | ही; निश्चय ही | indeed |
| नः | हमें | to us |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- श्लोक
- स्रोत अभिलेख
- मंगलाचरण
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 681
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 681, 682
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।