बालकाण्ड · सोरठा 1 · सोरठा
जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजिन्हें स्मरण करनेसे सब कार्य सिद्ध होते हैं, जो गणोंके स्वामी और सुन्दर हाथीके मुखवाले हैं, वे ही बुद्धिके राशि और शुभ गुणोंके धाम (श्रीगणेशजी) मुझपर कृपा करें॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 18 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन।
करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन॥१॥
स्रोत अभिलेख मंगलाचरण · पुस्तक पृ. 17, 19
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन।
English explanation
Ganesha, leader of the hosts, with the face of a noble elephant, whose remembrance brings success—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जिनका | whom |
| सुमिरत | स्मरण करने से | on remembering |
| सिधि | सिद्धि, कार्यसफलता | accomplishment, success |
| होइ | होती है | comes about |
| गन | गणों के | of the divine hosts |
| नायक | नेता | leader |
| करिबर | श्रेष्ठ हाथी जैसा | like a noble elephant |
| बदन | मुख | face |
2करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन॥१॥
English explanation
May that Ganesha, treasury of wisdom and abode of auspicious qualities, bestow grace.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करउ | करें | may he bestow |
| अनुग्रह | कृपा | grace |
| सोइ | वे ही | that very one |
| बुद्धि | बुद्धि के | of wisdom |
| रासि | भंडार | treasury |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| गुन | गुणों के | of qualities |
| सदन | निवास | abode |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- सोरठा 1
- स्रोत अभिलेख
- मंगलाचरण
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 18
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 17, 19
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