बालकाण्ड · सोरठा 4 · सोरठा
कुंद इंदु सम देह उमा रमन करुना अयन।
कुंद इंदु सम देह उमा रमन करुना अयन।
जाहि दीन पर नेह करउ कृपा मर्दन मयन॥४॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख मंगलाचरण · पुस्तक पृ. 17, 19
भावार्थ और शब्दार्थ
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1कुंद इंदु सम देह उमा रमन करुना अयन।
जिनका शरीर कुंद-पुष्प और चंद्रमा के समान उज्ज्वल है, जो उमा के पति और करुणा के धाम हैं—
English explanation
He whose body is white like jasmine and the moon, Uma’s consort and the abode of compassion—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुंद | सफेद कुंद-पुष्प | white jasmine flower |
| इंदु | चंद्रमा | the moon |
| सम | के समान | like |
| देह | शरीर | body |
| उमा | पार्वती के | of Parvati |
| रमन | पति | consort |
| करुना | करुणा के | of compassion |
| अयन | धाम | abode |
2जाहि दीन पर नेह करउ कृपा मर्दन मयन॥४॥
जिन्हें दीनों से प्रेम है, वे कामदेव का दमन करने वाले शिव कृपा करें।
English explanation
May Shiva, subduer of the god of love, who loves the lowly, bestow grace.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाहि | जिन्हें | who has |
| दीन | दीनों | the lowly |
| पर | पर | toward |
| नेह | प्रेम | love |
| करउ | करें | may he bestow |
| कृपा | कृपा | grace |
| मर्दन | दमन करने वाले | subduer of |
| मयन | कामदेव | the god of love |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- सोरठा 4
- स्रोत अभिलेख
- मंगलाचरण
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 17, 19
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