बालकाण्ड · दोहा 328 · दोहा/सोरठा
सूपोदन सुरभी सरपि सुंदर स्वादु पुनीत।
सूपोदन सुरभी सरपि सुंदर स्वादु पुनीत।
छन महुँ सब कें परुसि गे चतुर सुआर बिनीत।।328।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.328 · पुस्तक पृ. 313, 314
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सूपोदन सुरभी सरपि सुंदर स्वादु पुनीत।
दाल और भात तथा सुगंधित घी—सुंदर, स्वादिष्ट और पवित्र भोजन—
English explanation
Lentils and rice, with fragrant clarified butter—fine, delicious, and pure food—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सूपोदन | दाल और भात | lentils and cooked rice |
| सुरभी | सुगंधित | fragrant |
| सरपि | घी | clarified butter |
| सुंदर | सुंदर और उत्तम | fine and pleasing |
| स्वादु | स्वादिष्ट | delicious |
| पुनीत | पवित्र | pure |
2 छन महुँ सब कें परुसि गे चतुर सुआर बिनीत।।328।।
चतुर और विनम्र रसोइयों ने क्षण भर में सबको वह भोजन परोस दिया।
English explanation
The skilled and courteous cooks served that food to everyone in a moment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छन | क्षण भर | a moment |
| महुँ | में | in |
| सब | सभी | everyone |
| कें | को | to |
| परुसि | परोसकर | having served |
| गे | परोस गए | completed serving |
| चतुर | कुशल | skilled |
| सुआर | रसोइये | cooks |
| बिनीत | विनम्र | courteous |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 328
- स्रोत अभिलेख
- 1.328
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 313, 314
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।