बालकाण्ड · दोहा 120 (ख) · दोहा/सोरठा
सुनु सुभ कथा भवानि रामचरितमानस बिमल।
सुनु सुभ कथा भवानि रामचरितमानस बिमल।
कहा भुसुंडि बखानि सुना बिहग नायक गरुड।।120(ख)।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.12 · पुस्तक पृ. 131, 133
भावार्थ और शब्दार्थ
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1 सुनु सुभ कथा भवानि रामचरितमानस बिमल।
हे भवानी, रामचरित के निर्मल मानस-सरोवर की यह मंगलमयी कथा सुनो।
English explanation
O Bhavani, hear this auspicious tale, the pure lake of Rama’s deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| सुभ | मंगलमयी | auspicious |
| कथा | कथा | tale |
| भवानि | हे पार्वती | O Bhavani, Parvati |
| रामचरितमानस | रामचरित का मानस-सरोवर | the lake of Rama’s deeds |
| बिमल | निर्मल | pure |
2 कहा भुसुंडि बखानि सुना बिहग नायक गरुड।।120(ख)।।
भुसुंडि ने इसे विस्तार से कहा और पक्षियों के नायक गरुड़ ने सुना।
English explanation
Bhusundi expounded it, and Garuda, chief of birds, heard it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहा | कहा | told |
| भुसुंडि | काकभुशुंडि ने | Bhusundi, the crow-sage |
| बखानि | विस्तार से वर्णन करके | expounding in detail |
| सुना | सुना | heard |
| बिहग | पक्षियों के | of birds |
| नायक | नायक | chief |
| गरुड | गरुड़ ने, विष्णु के वाहन | Garuda, Vishnu’s mount |
| ख | पद-संदर्भ का अक्षर ‘ख’ | verse-reference marker ‘ख’ |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 120 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 1.12
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद · अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 131, 133
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