बालकाण्ड · दोहा 30 (ख) · दोहा/सोरठा
श्रोता बकता ग्याननिधि कथा राम कै गूढ़।
श्रोता बकता ग्याननिधि कथा राम कै गूढ़।
किमि समुझौं मै जीव जड़ कलि मल ग्रसित बिमूढ़।।30(ख)।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.3 · पुस्तक पृ. 52, 52
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 श्रोता बकता ग्याननिधि कथा राम कै गूढ़।
श्रोता और वक्ता ज्ञान के भंडार हैं, और राम की कथा गूढ़ है।
English explanation
The listeners and narrators are repositories of knowledge, and Rama’s story is profound.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| श्रोता | सुनने वाले | listeners |
| बकता | कहने वाले | narrators |
| ग्याननिधि | ज्ञान के भंडार | repositories of knowledge |
| कथा | कथा | story |
| राम | भगवान राम | Rama |
| कै | की | of |
| गूढ़ | गहन, गूढ़ | profound, difficult to fathom |
2 किमि समुझौं मै जीव जड़ कलि मल ग्रसित बिमूढ़।।30(ख)।।
मैं जड़बुद्धि जीव, कलियुग के मल से ग्रस्त और अत्यंत मूढ़, इसे कैसे समझूँ?
English explanation
How can I understand it—a dull-minded being, afflicted by the impurities of the Kali age and deeply bewildered?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| किमि | कैसे | how |
| समुझौं | मैं समझूँ | can I understand |
| मै | मैं | I |
| जीव | जीव, प्राणी | living being |
| जड़ | जड़बुद्धि, अज्ञानी | dull-minded, ignorant |
| कलि | कलियुग के | of the Kali age |
| मल | मल, दोषों से | impurities, taints |
| ग्रसित | ग्रस्त | afflicted by |
| बिमूढ़ | अत्यंत मूढ़, भ्रमित | deeply ignorant, bewildered |
| ख | पद्य-संदर्भ का उपखंड-सूचक ‘ख’ | verse-reference subdivision marker ‘ख’ |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 30 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 1.3
- सहायक विषय
- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 52, 52
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।