बालकाण्ड · दोहा 216 · दोहा/सोरठा
रामु लखनु दोउ बंधुबर रूप सील बल धाम।
रामु लखनु दोउ बंधुबर रूप सील बल धाम।
मख राखेउ सबु साखि जगु जिते असुर संग्राम।।216।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.216 · पुस्तक पृ. 214, 214
भावार्थ और शब्दार्थ
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1रामु लखनु दोउ बंधुबर रूप सील बल धाम।
राम और लक्ष्मण दोनों श्रेष्ठ भाई हैं, जो सौंदर्य, सदाचार और बल के धाम हैं।
English explanation
Rama and Lakshmana are two excellent brothers, abodes of beauty, noble conduct, and strength.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामु | श्रीराम | Rama |
| लखनु | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| दोउ | दोनों | both |
| बंधुबर | श्रेष्ठ भाई | excellent brothers |
| रूप | सौंदर्य | beauty |
| सील | सदाचार, उत्तम स्वभाव | noble conduct |
| बल | शक्ति | strength |
| धाम | आश्रय, भंडार | abodes, repositories |
2 मख राखेउ सबु साखि जगु जिते असुर संग्राम।।216।।
इन्होंने यज्ञ की रक्षा की और युद्ध में असुरों को पराजित किया; सारा जगत इसका साक्षी है।
English explanation
They protected the sacrifice and defeated the demons in battle; the whole world bears witness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मख | यज्ञ | the sacrifice |
| राखेउ | रक्षा की | protected |
| सबु | सारा | the whole |
| साखि | साक्षी है | bears witness |
| जगु | जगत | world |
| जिते | पराजित किए | defeated |
| असुर | असुरों को | the demons |
| संग्राम | युद्ध में | in battle |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 216
- स्रोत अभिलेख
- 1.216
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणको देखकर जनकजीकी प्रेम-मुग्धता
- मुद्रित पृष्ठ
- 214, 214
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।