बालकाण्ड · दोहा 256 · दोहा/सोरठा
मंत्र परम लघु जासु बस बिधि हरि हर सुर सर्ब।
मंत्र परम लघु जासु बस बिधि हरि हर सुर सर्ब।
महामत्त गजराज कहुँ बस कर अंकुस खर्ब।।256।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.256 · पुस्तक पृ. 248, 249
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1मंत्र परम लघु जासु बस बिधि हरि हर सुर सर्ब।
मंत्र अत्यंत छोटा होता है, पर उसके वश में ब्रह्मा, विष्णु, शिव और सभी देवता होते हैं।
English explanation
A mantra is exceedingly brief, yet Brahma, Vishnu, Shiva, and all the gods are subject to its power.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंत्र | मंत्र | sacred formula |
| परम | अत्यंत | exceedingly |
| लघु | छोटा; संक्षिप्त | short; brief |
| जासु | जिसके | whose |
| बस | वश में | under the power of |
| बिधि | ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| हरि | विष्णु | Vishnu |
| हर | शिव | Shiva |
| सुर | देवता | gods |
| सर्ब | सभी | all |
2 महामत्त गजराज कहुँ बस कर अंकुस खर्ब।।256।।
छोटा-सा अंकुश अत्यंत मदमत्त विशाल हाथी को वश में कर लेता है।
English explanation
A small goad brings even a mighty elephant in intense rut under control.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महामत्त | अत्यंत मदमत्त | wildly excited in rut |
| गजराज | विशाल हाथी | a mighty elephant |
| कहुँ | को | marks the object |
| बस | वश में | under control |
| कर | करता है | brings |
| अंकुस | हाथी को चलाने का अंकुश | an elephant goad |
| खर्ब | छोटा | small |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 256
- स्रोत अभिलेख
- 1.256
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 248, 249
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।