बालकाण्ड · दोहा 5 · दोहा/सोरठा
भलो भलाइहि पै लहइ लहइ निचाइहि नीचु।
भलो भलाइहि पै लहइ लहइ निचाइहि नीचु।
सुधा सराहिअ अमरताँ गरल सराहिअ मीचु।।5।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.5 · पुस्तक पृ. 24, 25
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1भलो भलाइहि पै लहइ लहइ निचाइहि नीचु।
भला मनुष्य भलाई ही पाता है और नीच मनुष्य नीचता ही पाता है।
English explanation
A good person gains goodness alone, while a base person gains baseness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भलो | भला मनुष्य | a good person |
| भलाइहि | भलाई ही | goodness alone |
| पै | ही | indeed; only |
| लहइ | पाता है | obtains |
| लहइ | पाता है | obtains |
| निचाइहि | नीचता ही | baseness alone |
| नीचु | नीच मनुष्य | a base person |
2 सुधा सराहिअ अमरताँ गरल सराहिअ मीचु।।5।।
अमृत की सराहना अमरता देने के लिए होती है और विष की सराहना मृत्यु लाने के लिए।
English explanation
Nectar is praised for conferring immortality, and poison for bringing death.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुधा | अमृत | nectar of immortality |
| सराहिअ | सराहा जाता है | is praised |
| अमरताँ | अमरता के लिए | for immortality |
| गरल | विष | poison |
| सराहिअ | सराहा जाता है | is praised |
| मीचु | मृत्यु के लिए | for death |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 5
- स्रोत अभिलेख
- 1.5
- सहायक विषय
- संत-असंत-वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 24, 25
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।