बालकाण्ड · दोहा 221 · दोहा/सोरठा
बिप्रकाजु करि बंधु दोउ मग मुनिबधू उधारि।
बिप्रकाजु करि बंधु दोउ मग मुनिबधू उधारि।
आए देखन चापमख सुनि हरषीं सब नारि।।221।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.221 · पुस्तक पृ. 218, 218
भावार्थ और शब्दार्थ
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1बिप्रकाजु करि बंधु दोउ मग मुनिबधू उधारि।
ब्राह्मण मुनि का कार्य पूरा करके और मार्ग में मुनि की पत्नी अहल्या का उद्धार करके दोनों भाई…
English explanation
Having accomplished the Brahmin sage’s task and delivered the sage’s wife Ahalya on the way, the two brothers…
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिप्रकाजु | ब्राह्मण मुनि विश्वामित्र का कार्य | the Brahmin sage Vishvamitra’s task |
| करि | करके | having done |
| बंधु | भाई | brothers |
| दोउ | दोनों | both |
| मग | मार्ग में | on the way |
| मुनिबधू | मुनि गौतम की पत्नी अहल्या | Ahalya, wife of sage Gautama |
| उधारि | उद्धार करके | having delivered |
2 आए देखन चापमख सुनि हरषीं सब नारि।।221।।
…धनुष-यज्ञ देखने आए हैं। यह सुनकर सभी स्त्रियाँ हर्षित हो गईं।
English explanation
…have come to see the bow-sacrifice. Hearing this, all the women rejoiced.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आए | आए हैं | have come |
| देखन | देखने के लिए | to see |
| चापमख | धनुष-यज्ञ | bow-sacrifice |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| हरषीं | हर्षित हुईं | rejoiced |
| सब | सभी | all |
| नारि | स्त्रियाँ | women |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 221
- स्रोत अभिलेख
- 1.221
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 218, 218
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