बालकाण्ड · दोहा 146 · दोहा/सोरठा
नील सरोरुह नील मनि नील नीरधर स्याम।
नील सरोरुह नील मनि नील नीरधर स्याम।
लाजहिं तन सोभा निरखि कोटि कोटि सत काम।।146।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.146 · पुस्तक पृ. 153, 154
भावार्थ और शब्दार्थ
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1नील सरोरुह नील मनि नील नीरधर स्याम।
उनका श्याम वर्ण नीले कमल, नीलम और गहरे नीले वर्षामेघ के समान था।
English explanation
His dark hue was like a blue lotus, a sapphire, and a deep-blue rain cloud.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नील | नीला | blue |
| सरोरुह | कमल | lotus |
| नील | नीली | blue |
| मनि | मणि, नीलम | gem, sapphire |
| नील | गहरा नीला | deep-blue |
| नीरधर | वर्षामेघ | rain cloud |
| स्याम | श्याम वर्ण वाले | dark-hued |
2 लाजहिं तन सोभा निरखि कोटि कोटि सत काम।।146।।
उनके शरीर की शोभा देखकर सैकड़ों करोड़ों-करोड़ों कामदेव भी लज्जित हो जाते हैं।
English explanation
Seeing the beauty of his body, even hundreds of crores upon crores of love-gods are abashed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लाजहिं | लज्जित होते हैं | are abashed |
| तन | शरीर की | of his body |
| सोभा | शोभा | beauty |
| निरखि | देखकर | beholding |
| कोटि | करोड़ | crores |
| कोटि | करोड़ | upon crores |
| सत | सौ | a hundred |
| काम | कामदेव | gods of love |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 146
- स्रोत अभिलेख
- 1.146
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 153, 154
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