बालकाण्ड · दोहा 68 · दोहा/सोरठा
कह मुनीस हिमवंत सुनु जो बिधि लिखा लिलार।
कह मुनीस हिमवंत सुनु जो बिधि लिखा लिलार।
देव दनुज नर नाग मुनि कोउ न मेटनिहार।।68।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.68 · पुस्तक पृ. 86, 86
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1कह मुनीस हिमवंत सुनु जो बिधि लिखा लिलार।
मुनिश्रेष्ठ बोले, ‘हिमवान, सुनो: विधाता ने ललाट पर जो लिख दिया है—’
English explanation
The eminent sage said, ‘Listen, Himavan: whatever the Creator has written upon the forehead—’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहते हैं | says |
| मुनीस | मुनिश्रेष्ठ नारद | Narada, the eminent sage |
| हिमवंत | हे हिमवान | O Himavan |
| सुनु | सुनो | listen |
| जो | जो कुछ | whatever |
| बिधि | विधाता ने | the Creator |
| लिखा | लिख दिया | has written |
| लिलार | ललाट पर | upon the forehead |
2 देव दनुज नर नाग मुनि कोउ न मेटनिहार।।68।।
‘उसे देवता, दैत्य, मनुष्य, नाग या मुनि—कोई भी मिटा नहीं सकता।’
English explanation
‘No god, demon, human, serpent being, or sage can erase it.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देव | देवता | gods |
| दनुज | दैत्य | demons |
| नर | मनुष्य | humans |
| नाग | नाग | serpent beings |
| मुनि | मुनि | sages |
| कोउ | कोई भी | anyone |
| न | नहीं | not |
| मेटनिहार | मिटाने वाला | able to erase it |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 68
- स्रोत अभिलेख
- 1.68
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 86, 86
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