बालकाण्ड · दोहा 144 · दोहा/सोरठा
एहि बिधि बीतें बरष षट सहस बारि आहार।
एहि बिधि बीतें बरष षट सहस बारि आहार।
संबत सप्त सहस्त्र पुनि रहे समीर अधार।।144।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.144 · पुस्तक पृ. 151, 152
भावार्थ और शब्दार्थ
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1एहि बिधि बीतें बरष षट सहस बारि आहार।
इस प्रकार केवल जल का आहार करते हुए छह हजार वर्ष बीत गए।
English explanation
In this way, six thousand years passed with water alone as their nourishment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | way |
| बीतें | बीत गए | passed |
| बरष | वर्ष | years |
| षट | छह | six |
| सहस | हजार | thousand |
| बारि | जल | water |
| आहार | आहार | nourishment |
2 संबत सप्त सहस्त्र पुनि रहे समीर अधार।।144।।
फिर सात हजार वर्ष वे केवल वायु के आधार पर रहे।
English explanation
Then they lived for seven thousand years sustained by air alone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संबत | वर्ष | years |
| सप्त | सात | seven |
| सहस्त्र | हजार | thousand |
| पुनि | फिर | then |
| रहे | रहे | lived; remained |
| समीर | वायु | air |
| अधार | के सहारे | sustained by |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 144
- स्रोत अभिलेख
- 1.144
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 151, 152
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