बालकाण्ड · दोहा 165 · दोहा/सोरठा
एवमस्तु कहि कपटमुनि बोला कुटिल बहोरि।
एवमस्तु कहि कपटमुनि बोला कुटिल बहोरि।
मिलब हमार भुलाब निज कहहु त हमहि न खोरि।।165।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.165 · पुस्तक पृ. 169, 169
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1एवमस्तु कहि कपटमुनि बोला कुटिल बहोरि।
“ऐसा ही हो” कहकर वह कुटिल कपटमुनि फिर बोला।
English explanation
Saying “So be it,” the scheming false sage spoke again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एवमस्तु | ऐसा ही हो | so be it |
| कहि | कहकर | having said |
| कपटमुनि | कपटी मुनि; मुनि का ढोंग करने वाला | deceitful sage; one posing as a sage |
| बोला | बोला | spoke |
| कुटिल | कुटिल; धूर्त | scheming; deceitful |
| बहोरि | फिर | again |
2 मिलब हमार भुलाब निज कहहु त हमहि न खोरि।।165।।
“हमारा मिलना और अपना भटकना यदि तुम बता दोगे, तो मुझे दोष मत देना।”
English explanation
“If you disclose our meeting and your having lost your way, do not blame me.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मिलब | मिलना; भेंट होना | meeting |
| हमार | हमारा | our |
| भुलाब | भटकना; रास्ता भूलना | losing the way |
| निज | अपना | your own |
| कहहु | तुम बताओ; प्रकट करो | you tell; disclose |
| त | तो | then |
| हमहि | मुझको | me |
| न | नहीं | not |
| खोरि | दोष; दोष देना | fault; blame |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 165
- स्रोत अभिलेख
- 1.165
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 169, 169
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