बालकाण्ड · छंद · छंद
सुर मुनि गंधर्बा मिलि करि सर्बा गे बिरंचि के लोका।
मूल पाठ
सुर मुनि गंधर्बा मिलि करि सर्बा गे बिरंचि के लोका।
सँग गोतनुधारी भूमि बिचारी परम बिकल भय सोका॥
ब्रह्माँ सब जाना मन अनुमाना मोर कछू न बसाई।
जा करि तैं दासी सो अबिनासी हमरेउ तोर सहाई॥
स्रोत अभिलेख 1.184 · पुस्तक पृ. 184, 185
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब देवता, मुनि और गन्धर्व सब मिलकर ब्रह्माजीके लोक (सत्यलोक) को गये। भय और शोकसे अत्यन्त व्याकुल बेचारी पृथ्वी भी गौका शरीर धारण किये हुए उनके साथ थी। ब्रह्माजी सब जान गये। उन्होंने मनमें अनुमान किया कि इसमें मेरा कुछ भी वश नहीं चलनेका। [तब उन्होंने पृथ्वीसे कहा कि—] जिसकी तू दासी है, वही अविनाशी हमारा और तुम्हारा दोनोंका सहायक है।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 185 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1सुर मुनि गंधर्बा मिलि करि सर्बा गे बिरंचि के लोका।
English explanation
AI draft: The gods, sages, and celestial musicians all gathered and went to Brahma’s realm.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवता | gods |
| मुनि | मुनि; ऋषि | sages |
| गंधर्बा | गंधर्व; दिव्य गायक | Gandharvas, celestial musicians |
| मिलि | मिलकर | gathering together |
| करि | करके; यहाँ ‘मिलकर’ का अंग | having done; completes ‘gathering together’ |
| सर्बा | सब | all |
| गे | गए | went |
| बिरंचि | ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| के | के | of; belonging to |
| लोका | लोक में | to the realm |
2सँग गोतनुधारी भूमि बिचारी परम बिकल भय सोका॥
English explanation
AI draft: With them was the distressed Earth, embodied as a cow and deeply troubled by fear and grief.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सँग | साथ | with them |
| गोतनुधारी | गाय का शरीर धारण किए हुए | having assumed a cow’s body |
| भूमि | पृथ्वी | Earth |
| बिचारी | बेचारी; दुःखिनी | hapless; distressed |
| परम | अत्यंत | extremely |
| बिकल | व्याकुल | distressed |
| भय | भय से | from fear |
| सोका | शोक से | from grief |
3ब्रह्माँ सब जाना मन अनुमाना मोर कछू न बसाई।
English explanation
AI draft: Brahma understood everything and reflected inwardly, ‘Nothing is within my power.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्रह्माँ | ब्रह्मा ने | Brahma, the creator |
| सब | सब कुछ | everything |
| जाना | जान लिया | understood |
| मन | मन में | in his mind |
| अनुमाना | विचार किया; निष्कर्ष निकाला | reflected; concluded |
| मोर | मेरे | my |
| कछू | कुछ भी | anything |
| न | नहीं | not |
| बसाई | वश में; सामर्थ्य में | within one’s power |
4जा करि तैं दासी सो अबिनासी हमरेउ तोर सहाई॥
English explanation
AI draft: The imperishable One whose servant you are is your helper and mine too.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जा | जिसकी; ‘करि’ के साथ | whose, with the following possessive particle |
| करि | की; संबंधसूचक | possessive particle |
| तैं | तुम; पृथ्वी | you, Earth |
| दासी | सेविका | female servant |
| सो | वही | that very One |
| अबिनासी | अविनाशी; जिसका नाश नहीं होता | imperishable |
| हमरेउ | मेरा भी | mine too |
| तोर | तुम्हारा | your |
| सहाई | सहायक | helper |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.184
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 185
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 184, 185
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।