बालकाण्ड · छंद · छंद
सिय बेषु सतीं जो कीन्ह तेहिं अपराध संकर परिहरीं।
मूल पाठ
सिय बेषु सतीं जो कीन्ह तेहिं अपराध संकर परिहरीं।
हर बिरहँ जाइ बहोरि पितु कें जग्य जोगानल जरीं॥
अब जनमि तुम्हरे भवन निज पति लागि दारुन तपु किया।
अस जानि संसय तजहु गिरिजा सर्बदा संकरप्रिया॥
स्रोत अभिलेख 1.98 · पुस्तक पृ. 112, 112
भावार्थ
मूल पाठ के बादसतीजीने जो सीताका वेष धारण किया, उसी अपराधके कारण शङ्करजीने उनको त्याग दिया। फिर शिवजीके वियोगमें ये अपने पिताके यज्ञमें जाकर वहीं योगाग्निसे भस्म हो गयीं। अब इन्होंने तुम्हारे घर जन्म लेकर अपने पतिके लिये कठिन तप किया है ऐसा जानकर सन्देह छोड़ दो, पार्वतीजी तो सदा ही शिवजीकी प्रिया (अद्र्धाङ्गिनी) हैं।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 112 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1सिय बेषु सतीं जो कीन्ह तेहिं अपराध संकर परिहरीं।
English explanation
AI draft: Because Sati had assumed Sita’s guise, Shiva abandoned her for that offense.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिय | सीता का | of Sita, Rama’s wife |
| बेषु | वेश | guise |
| सतीं | सती ने | Sati, Shiva’s wife, did |
| जो | जो | which |
| कीन्ह | धारण किया | assumed |
| तेहिं | उसी के कारण | because of that very |
| अपराध | अपराध | offense |
| संकर | शंकर ने | Shiva |
| परिहरीं | उन्हें त्याग दिया | abandoned her |
2हर बिरहँ जाइ बहोरि पितु कें जग्य जोगानल जरीं॥
English explanation
In separation from Shiva, Sati then went to her father’s sacrifice and burned in the fire of yoga.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हर | शिव के | from Shiva |
| बिरहँ | वियोग में | in separation |
| जाइ | जाकर | having gone |
| बहोरि | फिर | then |
| पितु | पिता दक्ष के | her father Daksha’s |
| कें | के यहाँ आयोजित | held at his place |
| जग्य | यज्ञ में | to the sacrifice |
| जोगानल | योग की अग्नि में | in yogic fire |
| जरीं | जल गईं | burned |
3अब जनमि तुम्हरे भवन निज पति लागि दारुन तपु किया।
English explanation
Now, born in your household, she has performed severe austerities for her own husband.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| जनमि | जन्म लेकर | having been born |
| तुम्हरे | तुम्हारे | your |
| भवन | घर में | in the household |
| निज | अपने | her own |
| पति | पति शिव के | husband, Shiva |
| लागि | लिए | for |
| दारुन | कठोर | severe |
| तपु | तपस्या | austerities |
| किया | की | performed |
4अस जानि संसय तजहु गिरिजा सर्बदा संकरप्रिया॥
English explanation
Knowing this, give up your doubts; Girija is forever Shiva’s beloved.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | this |
| जानि | जानकर | knowing |
| संसय | संदेह | doubts |
| तजहु | छोड़ दो | give up |
| गिरिजा | पर्वतराज की पुत्री पार्वती | Parvati, daughter of the mountain king |
| सर्बदा | सदा | forever |
| संकरप्रिया | शंकर की प्रिया | Shiva’s beloved |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.98
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 112
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 112, 112
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।