बालकाण्ड · छंद · छंद
भरे भुवन घोर कठोर रव रबि बाजि तजि मारगु चले।
मूल पाठ
भरे भुवन घोर कठोर रव रबि बाजि तजि मारगु चले।
चिक्करहिं दिग्गज डोल महि अहि कोल कूरुम कलमले॥
सुर असुर मुनि कर कान दीन्हें सकल बिकल बिचारहीं।
कोदंड खंडेउ राम तुलसी जयति बचन उचारहीं॥
स्रोत अभिलेख 1.261 · पुस्तक पृ. 252, 252
भावार्थ
मूल पाठ के बादघोर, कठोर शब्दसे [सब] लोक भर गये, सूर्यके घोड़े मार्ग छोड़कर चलने लगे। दिग्गज चिग्घाडऩे लगे, धरती डोलने लगी, शेष, वाराह और कच्छप कलमला उठे। देवता, राक्षस और मुनि कानोंपर हाथ रखकर सब व्याकुल होकर विचारने लगे। तुलसीदासजी कहते हैं, जब [सबको निश्चय हो गया कि] श्रीरामजीने धनुषको तोड़ डाला, तब सब 'श्रीरामचन्द्रजीकी जय बोलने लगे।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 253 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1भरे भुवन घोर कठोर रव रबि बाजि तजि मारगु चले।
English explanation
AI draft: A terrible, harsh sound filled the worlds; the sun’s horses left their course.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरे | भर गए | were filled |
| भुवन | लोक | the worlds |
| घोर | भयंकर | terrible |
| कठोर | कर्कश | harsh |
| रव | ध्वनि से | with the sound |
| रबि | सूर्य के | of the sun |
| बाजि | घोड़े | horses |
| तजि | छोड़कर | leaving |
| मारगु | अपना मार्ग | their course |
| चले | चल पड़े | went off |
2चिक्करहिं दिग्गज डोल महि अहि कोल कूरुम कलमले॥
English explanation
AI draft: The elephants of the directions cried out, the earth shook, and the cosmic serpent, boar, and tortoise trembled in distress.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चिक्करहिं | चीत्कार करते हैं | cry out |
| दिग्गज | दिशाओं के रक्षक हाथी | elephants guarding the directions |
| डोल | डोल उठी | shook |
| महि | पृथ्वी | the earth |
| अहि | शेषनाग | the cosmic serpent Shesha |
| कोल | वराह | the cosmic boar |
| कूरुम | कच्छप | the cosmic tortoise |
| कलमले | व्याकुल होकर डगमगाए | trembled in distress |
3सुर असुर मुनि कर कान दीन्हें सकल बिकल बिचारहीं।
English explanation
AI draft: Gods, demons, and sages covered their ears with their hands; all pondered in distress.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवता | gods |
| असुर | असुर | demons |
| मुनि | मुनि | sages |
| कर | हाथ | hands |
| कान | कानों पर | over their ears |
| दीन्हें | रख दिए | placed |
| सकल | सभी | all |
| बिकल | व्याकुल | distressed |
| बिचारहीं | विचार करते हैं | ponder |
4कोदंड खंडेउ राम तुलसी जयति बचन उचारहीं॥
English explanation
AI draft: Rama broke the bow; Tulsi says that all began uttering words of acclaim.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोदंड | धनुष को | the bow |
| खंडेउ | तोड़ दिया | broke |
| राम | राम ने | Rama |
| तुलसी | कवि तुलसीदास कहते हैं | the poet Tulsidas says |
| जयति | जय हो | victory and glory |
| बचन | वचन | words |
| उचारहीं | उच्चारते हैं | utter |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.261
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 253
- सहायक विषय
- धनुषभंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 252, 252
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।