बालकाण्ड · छंद · छंद
बैठे बरासन रामु जानकि मुदित मन दसरथु भए।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामजी और जानकीजी श्रेष्ठ आसनपर बैठे; उन्हें देखकर दशरथजी मनमें बहुत आनन्दित हुए। अपने सुकृतरूपी कल्पवृक्षमें नये फल [आये] देखकर उनका शरीर बार-बार पुलकित हो रहा है। चौदहों भुवनोंमें उत्साह भर गया; सबने कहा कि श्रीरामचन्द्रजीका विवाह हो गया। जीभ एक है और यह मङ्गल महान् है; फिर भला, वह वर्णन करके किस प्रकार समाप्त किया जा सकता है!॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 308 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बैठे बरासन रामु जानकि मुदित मन दसरथु भए।
तनु पुलक पुनि पुनि देखि अपनें सुकृत सुरतरु फल नए॥
भरि भुवन रहा उछाहु राम बिबाहु भा सबहीं कहा।
केहि भाँति बरनि सिरात रसना एक यहु मंगलु महा॥
स्रोत अभिलेख 1.325 · पुस्तक पृ. 307, 308
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1बैठे बरासन रामु जानकि मुदित मन दसरथु भए।
English explanation
AI draft: Rama and Janaki sat on an excellent seat; Dasharatha became joyful at heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बैठे | बैठे | sat |
| बरासन | श्रेष्ठ आसन पर | on an excellent seat |
| रामु | राम | Rama, Dasharatha’s son |
| जानकि | जानकी, सीता | Janaki, Sita |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| मन | मन में | at heart |
| दसरथु | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| भए | हुए | became |
2तनु पुलक पुनि पुनि देखि अपनें सुकृत सुरतरु फल नए॥
English explanation
Repeatedly beholding the fresh fruits of the wish-fulfilling tree of his own merit, Dasharatha felt his body thrill.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तनु | शरीर | body |
| पुलक | रोमांचित | thrilled, with hair standing on end |
| पुनि | फिर | again |
| पुनि | फिर | again |
| देखि | देखकर | beholding |
| अपनें | अपने | his own |
| सुकृत | पुण्यकर्मरूपी | of meritorious deeds |
| सुरतरु | कल्पवृक्ष | wish-fulfilling heavenly tree |
| फल | फल | fruits |
| नए | नए | fresh |
3भरि भुवन रहा उछाहु राम बिबाहु भा सबहीं कहा।
English explanation
Joy filled the entire world; everyone said that Rama’s wedding had taken place.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरि | भर में | throughout |
| भुवन | संसार | the world |
| रहा | व्याप्त रहा | pervaded |
| उछाहु | उत्साह | joyful excitement |
| राम | राम का | Rama’s |
| बिबाहु | विवाह | wedding |
| भा | हुआ | took place |
| सबहीं | सबने | everyone |
| कहा | कहा | said |
4केहि भाँति बरनि सिरात रसना एक यहु मंगलु महा॥
English explanation
How could a single tongue finish describing this great auspicious celebration?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| केहि | किस | what |
| भाँति | प्रकार | manner |
| बरनि | वर्णन करके | describing |
| सिरात | समाप्त कर सकती है | could finish |
| रसना | जीभ | tongue |
| एक | एक | a single |
| यहु | यह | this |
| मंगलु | मंगलमय उत्सव | auspicious celebration |
| महा | महान | great |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.325
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 308
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 307, 308
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।