बालकाण्ड · छंद · छंद
बैठारि आसन आरती करि निरखि बरु सुखु पावहीं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दआसनपर बैठाकर, आरती करके दूलहको देखकर स्त्रियाँ सुख पा रही हैं। वे ढेर-के-ढेर मणि, वस्त्र और गहने निछावर करके मङ्गल गा रही हैं। ब्रह्मा आदि श्रेष्ठ देवता ब्राह्मणका वेष बनाकर कौतुक देख रहे हैं। वे रघुकुलरूपी कमलके प्रफुल्लित करनेवाले सूर्य श्रीरामचन्द्रजीकी छबि देखकर अपना जीवन सफल जान रहे हैं।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 300 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बैठारि आसन आरती करि निरखि बरु सुखु पावहीं।
मनि बसन भूषन भूरि वारहिं नारि मंगल गावहीं॥
ब्रह्मादि सुरबर बिप्र बेष बनाइ कौतुक देखहीं।
अवलोकि रघुकुल कमल रबि छबि सुफल जीवन लेखहीं॥
स्रोत अभिलेख 1.319 · पुस्तक पृ. 300, 300
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1बैठारि आसन आरती करि निरखि बरु सुखु पावहीं।
English explanation
AI draft meaning: The women seat the bridegroom, perform the ceremonial lamp offering, and rejoice at the sight of him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बैठारि | बैठाकर | having seated him |
| आसन | आसन पर | on a seat |
| आरती | आरती | ceremonial lamp offering |
| करि | करके | having performed |
| निरखि | देखकर | having beheld |
| बरु | वर राम को | the bridegroom, Rama |
| सुखु | सुख | joy |
| पावहीं | पाती हैं | they experience |
2मनि बसन भूषन भूरि वारहिं नारि मंगल गावहीं॥
English explanation
The women lavishly offer jewels, garments, and ornaments in the ceremonial offering and sing auspicious songs.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मनि | मणियाँ | jewels |
| बसन | वस्त्र | garments |
| भूषन | आभूषण | ornaments |
| भूरि | बहुत-से | in abundance |
| वारहिं | न्योछावर करती हैं | offer ceremonially |
| नारि | स्त्रियाँ | the women |
| मंगल | मंगलगीत | auspicious songs |
| गावहीं | गाती हैं | sing |
3ब्रह्मादि सुरबर बिप्र बेष बनाइ कौतुक देखहीं।
English explanation
Brahma and the other foremost gods assume the guise of Brahmins and watch the festivities.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्रह्मादि | ब्रह्मा आदि | Brahma, the creator god, and others |
| सुरबर | श्रेष्ठ देवता | foremost gods |
| बिप्र | ब्राह्मणों का | of Brahmins |
| बेष | वेश | guise |
| बनाइ | बनाकर | having assumed |
| कौतुक | उत्सव का दृश्य | the festive spectacle |
| देखहीं | देखते हैं | watch |
4अवलोकि रघुकुल कमल रबि छबि सुफल जीवन लेखहीं॥
English explanation
Beholding the beauty of Rama, the sun to the lotus of Raghu’s lineage, they consider their lives fulfilled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवलोकि | देखकर | having beheld |
| रघुकुल | रघु का वंश | Raghu’s lineage |
| कमल | कमल | lotus |
| रबि | सूर्यरूपी राम | Rama as the sun |
| छबि | सुंदर छवि | beauty |
| सुफल | सफल, सार्थक | fulfilled |
| जीवन | अपना जीवन | their lives |
| लेखहीं | मानते हैं | consider |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.319
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 300
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 300, 300
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।