बालकाण्ड · छंद · छंद
पहिचान को केहि जान सबहि अपान सुधि भोरी भई।
मूल पाठ
पहिचान को केहि जान सबहि अपान सुधि भोरी भई।
आनंद कंदु बिलोकि दूलहु उभय दिसि आनँदमई॥
सुर लखे राम सुजान पूजे मानसिक आसन दए।
अवलोकि सीलु सुभाउ प्रभु को बिबुध मन प्रमुदित भए॥
स्रोत अभिलेख 1.321 · पुस्तक पृ. 302, 302
भावार्थ
मूल पाठ के बादकौन किसको जाने-पहिचाने! सबको अपनी ही सुध भूली हुई है। आनन्दकन्द दूलहको देखकर दोनों ओर आनन्दमयी स्थिति हो रही है। सुजान (सर्वज्ञ) श्रीरामचन्द्रजीने देवताओंको पहचान लिया और उनकी मानसिक पूजा करके उन्हें मानसिक आसन दिये। प्रभुका शील-स्वभाव देखकर देवगण मनमें बहुत आनन्दित हुए।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 302 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1पहिचान को केहि जान सबहि अपान सुधि भोरी भई।
English explanation
Who recognizes or knows whom? Everyone has forgotten themselves.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पहिचान | पहचानता है | recognizes |
| को | कौन | who |
| केहि | किसे | whom |
| जान | जानता है | knows |
| सबहि | सभी को | to everyone |
| अपान | अपनी | their own |
| सुधि | सुध; अपनी चेतना | awareness of themselves |
| भोरी | भूली हुई | forgotten |
| भई | हो गई | has become |
2आनंद कंदु बिलोकि दूलहु उभय दिसि आनँदमई॥
English explanation
Seeing the bridegroom Rama, the very source of joy, people on both sides were filled with delight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आनंद | आनंद का | of joy |
| कंदु | मूल स्रोत | root source |
| बिलोकि | देखकर | having seen |
| दूलहु | दूल्हे राम को | the bridegroom Rama |
| उभय | दोनों | both |
| दिसि | ओर | sides |
| आनँदमई | आनंद से भरी हुई | filled with joy |
3सुर लखे राम सुजान पूजे मानसिक आसन दए।
English explanation
Discerning Rama recognized the gods and worshipped them inwardly, offering them seats in his mind.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवताओं को | the gods |
| लखे | पहचान लिया | recognized |
| राम | श्रीराम ने | Rama |
| सुजान | सुजान; विवेकशील | discerning and wise |
| पूजे | पूजन किया | worshipped |
| मानसिक | मन में कल्पित | mentally envisioned |
| आसन | बैठने के आसन | seats |
| दए | दिए | gave |
4अवलोकि सीलु सुभाउ प्रभु को बिबुध मन प्रमुदित भए॥
English explanation
Seeing Lord Rama’s gracious character and disposition, the gods’ hearts became greatly delighted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवलोकि | देखकर | having observed |
| सीलु | शील; विनम्र आचरण | gracious character |
| सुभाउ | स्वभाव | disposition |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| को | का | of |
| बिबुध | देवताओं के | of the gods |
| मन | मन | hearts |
| प्रमुदित | अत्यंत प्रसन्न | greatly delighted |
| भए | हो गए | became |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.321
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 302
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 302, 302
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।