बालकाण्ड · छंद · छंद
जय जय अबिनासी सब घट बासी ब्यापक परमानंदा।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे अविनाशी, सबके हृदयमें निवास करनेवाले (अन्तर्यामी), सर्वव्यापक परम आनन्दस्वरूप, अज्ञेय, इन्द्रियोंसे परे, पवित्रचरित्र, मायासे रहित मुकुन्द (मोक्षदाता)! आपकी जय हो! जय हो!! [इस लोक और परलोकके सब भोगोंसे] विरक्त तथा मोहसे सर्वथा छूटे हुए (ज्ञानी) मुनिवृन्द भी अत्यन्त अनुरागी (प्रेमी) बनकर जिनका रात-दिन ध्यान करते हैं और जिनके गुणोंके समूहका गान करते हैं, उन सच्चिदानन्दकी जय हो॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 187 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जय जय अबिनासी सब घट बासी ब्यापक परमानंदा।
अबिगत गोतीतं चरित पुनीतं मायारहित मुकुंदा।।
जेहि लागि बिरागी अति अनुरागी बिगतमोह मुनिबृंदा।
निसि बासर ध्यावहिं गुन गन गावहिं जयति सच्चिदानंदा।।
स्रोत अभिलेख 1.186 · पुस्तक पृ. 186, 188
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जय जय अबिनासी सब घट बासी ब्यापक परमानंदा।
English explanation
Glory, glory to you, imperishable Lord, dwelling in every heart, all-pervading and supreme bliss itself!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | glory to you |
| जय | फिर जय हो | glory again |
| अबिनासी | नष्ट न होने वाले | imperishable |
| सब | सभी | every |
| घट | हृदयों में | in hearts |
| बासी | निवास करने वाले | dwelling |
| ब्यापक | सर्वत्र व्याप्त | all-pervading |
| परमानंदा | परम आनंदस्वरूप | supreme bliss itself |
2 अबिगत गोतीतं चरित पुनीतं मायारहित मुकुंदा।।
English explanation
O Mukunda, giver of liberation, beyond the grasp of knowledge and the senses, whose deeds are holy and who is free from maya!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अबिगत | ज्ञान की पकड़ से परे | beyond the grasp of knowledge |
| गोतीतं | इंद्रियों से परे | beyond the senses |
| चरित | चरित्र, कर्म | deeds and conduct |
| पुनीतं | पवित्र | holy |
| मायारहित | माया से रहित | free from maya |
| मुकुंदा | हे मुक्ति देने वाले विष्णु | O Vishnu, giver of liberation |
3 जेहि लागि बिरागी अति अनुरागी बिगतमोह मुनिबृंदा।
English explanation
For whom the hosts of sages, detached, deeply devoted, and free from delusion—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिनके | whom |
| लागि | लिए | for |
| बिरागी | सांसारिक आसक्ति से रहित | detached from worldly attachments |
| अति | अत्यंत | deeply |
| अनुरागी | प्रेम और भक्ति से युक्त | lovingly devoted |
| बिगतमोह | मोह से मुक्त | free from delusion |
| मुनिबृंदा | मुनियों के समूह | hosts of sages |
4 निसि बासर ध्यावहिं गुन गन गावहिं जयति सच्चिदानंदा।।
English explanation
Meditate night and day and sing his manifold virtues—glory to him who is being, consciousness, and bliss!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निसि | रात | night |
| बासर | दिन | day |
| ध्यावहिं | ध्यान करते हैं | meditate upon |
| गुन | गुणों के | of virtues |
| गन | समूह | multitudes |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| जयति | जय हो | glory to |
| सच्चिदानंदा | सत्, चित् और आनंदस्वरूप भगवान | the Lord who is being, consciousness, and bliss |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.186
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 187
- सहायक विषय
- पृथ्वी और देवतादिकी करुण पुकार
- मुद्रित पृष्ठ
- 186, 188
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।