बालकाण्ड · छंद · छंद
जनि लेहु मातु कलंकु करुना परिहरहु अवसर नहीं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे माता! कलङ्क मत लो, रोना छोड़ो, यह अवसर विषाद करनेका नहीं है। मेरे भाग्यमें जो दु:ख- सुख लिखा है, उसे मैं जहाँ जाऊँगी, वहीं पाऊँगी! पार्वतीजीके ऐसे विनयभरे कोमल वचन सुनकर सारी स्त्रियाँ सोच करने लगीं और भाँति-भाँतिसे विधाताको दोष देकर आँखोंसे आँसू बहाने लगीं।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 111 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जनि लेहु मातु कलंकु करुना परिहरहु अवसर नहीं।
दुखु सुखु जो लिखा लिलार हमरें जाब जहँ पाउब तहीं॥
सुनि उमा बचन बिनीत कोमल सकल अबला सोचहीं।
बहु भाँति बिधिहि लगाइ दूषन नयन बारि बिमोचहीं॥
स्रोत अभिलेख 1.97 · पुस्तक पृ. 111, 111
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1जनि लेहु मातु कलंकु करुना परिहरहु अवसर नहीं।
English explanation
Mother, do not take blame upon yourself; set aside your pity, for this is not the occasion for it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनि | मत | do not |
| लेहु | लीजिए; अपने ऊपर लें | take upon yourself |
| मातु | हे माता | O mother |
| कलंकु | कलंक; दोष | blame; disgrace |
| करुना | करुणा; दया | pity; compassion |
| परिहरहु | छोड़ दीजिए | set aside |
| अवसर | उचित समय या अवसर | appropriate occasion |
| नहीं | नहीं है | is not |
2दुखु सुखु जो लिखा लिलार हमरें जाब जहँ पाउब तहीं॥
English explanation
Whatever sorrow and happiness are written on my forehead, I shall encounter them wherever I go.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुखु | दुःख | sorrow |
| सुखु | सुख | happiness |
| जो | जो भी | whatever |
| लिखा | लिखा हुआ है | is written |
| लिलार | ललाट पर | on the forehead |
| हमरें | मेरे | my |
| जाब | मैं जाऊँगी | I shall go |
| जहँ | जहाँ | wherever |
| पाउब | मैं पाऊँगी | I shall receive; encounter |
| तहीं | वहीं | there |
3सुनि उमा बचन बिनीत कोमल सकल अबला सोचहीं।
English explanation
Hearing Uma’s humble and gentle words, all the women grieved.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| उमा | उमा; पार्वती | Uma, Parvati |
| बचन | वचन; बातें | words |
| बिनीत | विनम्र | humble |
| कोमल | कोमल; मृदु | gentle; tender |
| सकल | सभी | all |
| अबला | स्त्रियाँ | women |
| सोचहीं | शोक करती हैं | grieve |
4बहु भाँति बिधिहि लगाइ दूषन नयन बारि बिमोचहीं॥
English explanation
Blaming the Creator in many ways, they shed tears from their eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहु | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार से | in ways |
| बिधिहि | विधाता को | the Creator |
| लगाइ | लगाकर; आरोपित करके | placing; attributing |
| दूषन | दोष | blame |
| नयन | आँखों से | from the eyes |
| बारि | जल; यहाँ आँसू | water; here, tears |
| बिमोचहीं | बहाती हैं | shed; let flow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.97
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 111
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 111, 111
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।