बालकाण्ड · छंद · छंद
कस कीन्ह बरु बौराह बिधि जेहिं तुम्हहि सुंदरता दई।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजिस विधाताने तुमको सुन्दरता दी, उसने तुम्हारे लिये वर बावला कैसे बनाया? जो फल कल्पवृक्षमें लगना चाहिये, वह जबर्दस्ती बबूलमें लग रहा है। मैं तुम्हें लेकर पहाड़से गिर पड़ूँगी, आगमें जल जाऊँगी या समुद्रमें कूद पड़ूँगी। चाहे घर उजड़ जाय और संसारभरमें अपकीॢत फैल जाय, पर जीते-जी मैं इस बावले वरसे तुम्हारा विवाह न करूँगी।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 110 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कस कीन्ह बरु बौराह बिधि जेहिं तुम्हहि सुंदरता दई।
जो फलु चहिअ सुरतरुहिं सो बरबस बबूरहिं लागई।।
तुम्ह सहित गिरि तें गिरौं पावक जरौं जलनिधि महुँ परौं।।
घरु जाउ अपजसु होउ जग जीवत बिबाहु न हौं करौं।।
स्रोत अभिलेख 1.96 · पुस्तक पृ. 110, 111
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कस कीन्ह बरु बौराह बिधि जेहिं तुम्हहि सुंदरता दई।
English explanation
Why did the Creator who gave you beauty make your bridegroom mad?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कस | क्यों | why |
| कीन्ह | बनाया | made |
| बरु | दूल्हे को | the bridegroom |
| बौराह | पागल | mad |
| बिधि | विधाता ने | the Creator |
| जेहिं | जिसने | who |
| तुम्हहि | तुम्हें | to you |
| सुंदरता | सुंदरता | beauty |
| दई | दी | gave |
2 जो फलु चहिअ सुरतरुहिं सो बरबस बबूरहिं लागई।।
English explanation
The fruit that should grow on the wish-fulfilling celestial tree has been forcibly made to grow on an acacia.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो | which |
| फलु | फल | fruit |
| चहिअ | होना चाहिए | should be |
| सुरतरुहिं | कल्पवृक्ष पर | on the wish-fulfilling celestial tree |
| सो | वही | that very fruit |
| बरबस | जबरन | forcibly |
| बबूरहिं | बबूल के पेड़ पर | on an acacia tree |
| लागई | लग गया है | has come to grow |
3 तुम्ह सहित गिरि तें गिरौं पावक जरौं जलनिधि महुँ परौं।।
English explanation
I would fall from a mountain with you, burn in fire, or plunge into the ocean.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | तुम्हारे | you |
| सहित | साथ | together with |
| गिरि | पर्वत | a mountain |
| तें | से | from |
| गिरौं | मैं गिर पड़ूँ | I would fall |
| पावक | अग्नि में | in fire |
| जरौं | मैं जल जाऊँ | I would burn |
| जलनिधि | समुद्र | the ocean |
| महुँ | में | into |
| परौं | मैं जा पड़ूँ | I would plunge |
4 घरु जाउ अपजसु होउ जग जीवत बिबाहु न हौं करौं।।
English explanation
Let the household be ruined and disgrace spread in the world; while I live, I will not arrange this marriage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| घरु | घर, परिवार | the household |
| जाउ | नष्ट हो जाए | let it be lost |
| अपजसु | बदनामी | disgrace |
| होउ | हो जाए | let there be |
| जग | संसार में | in the world |
| जीवत | जीते-जी | while alive |
| बिबाहु | विवाह | this marriage |
| न | नहीं | not |
| हौं | मैं | I |
| करौं | करूँगी, संपन्न कराऊँगी | will arrange |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.96
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 110
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 110, 111
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।