बालकाण्ड · दोहा 96 · दोहा/सोरठा
भई बिकल अबला सकल दुखित देखि गिरिनारि।
भई बिकल अबला सकल दुखित देखि गिरिनारि।
करि बिलापु रोदति बदति सुता सनेहु सँभारि।।96।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.96 · पुस्तक पृ. 110, 111
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1भई बिकल अबला सकल दुखित देखि गिरिनारि।
पर्वतराज की पत्नी मैना को दुःखी देखकर सभी स्त्रियाँ व्याकुल हो गईं।
English explanation
Seeing Maina, the mountain king’s wife, distressed, all the women became distraught.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भई | हो गईं | became |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| अबला | स्त्रियाँ | women |
| सकल | सभी | all |
| दुखित | दुःखी | distressed |
| देखि | देखकर | seeing |
| गिरिनारि | पर्वतराज की पत्नी मैना को | Maina, the mountain king’s wife |
2 करि बिलापु रोदति बदति सुता सनेहु सँभारि।।96।।
मैना विलाप करती हुई रोती हैं और पुत्री के प्रति स्नेह को स्मरण करके बोलती हैं।
English explanation
Maina laments and weeps, speaking as she recalls her affection for her daughter.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | making |
| बिलापु | विलाप | lamentation |
| रोदति | रोती हैं | weeps |
| बदति | कहती हैं | speaks |
| सुता | पुत्री के प्रति | for her daughter |
| सनेहु | स्नेह | affection |
| सँभारि | स्मरण करके, हृदय में लाकर | recalling and holding in her heart |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 96
- स्रोत अभिलेख
- 1.96
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 110, 111
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