बालकाण्ड · छंद · छंद
अनुरूप बर दुलहिनि परस्पर लखि सकुच हियँ हरषहीं।
मूल पाठ
अनुरूप बर दुलहिनि परस्पर लखि सकुच हियँ हरषहीं।
सब मुदित सुंदरता सराहहिं सुमन सुर गन बरषहीं॥
सुंदरीं सुंदर बरन्ह सह सब एक मंडप राजहीं।
जनु जीव उर चारिउ अवस्था बिभुन सहित बिराजहीं॥
स्रोत अभिलेख 1.325 · पुस्तक पृ. 307, 308
भावार्थ
मूल पाठ के बाददूलह और दुलहिनें परस्पर अपने-अपने अनुरूप जोड़ीको देखकर सकुचते हुए हृदयमें हॢषत हो रही हैं। सब लोग प्रसन्न होकर उनकी सुन्दरताकी सराहना करते हैं और देवगण फूल बरसा रहे हैं। सब सुन्दरी दुलहिनें सुन्दर दूल्होंके साथ एक ही मण्डपमें ऐसी शोभा पा रही हैं, मानो जीवके हृदयमें चारों अवस्थाएँ (जाग्रत्, स्वप्न, सुषुप्ति और तुरीय) अपने चारों स्वामियों (विश्व, तैजस, प्राज्ञ और ब्रह्म) सहित विराजमान हों॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 309 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1अनुरूप बर दुलहिनि परस्पर लखि सकुच हियँ हरषहीं।
English explanation
The well-matched bridegrooms and brides look at one another and rejoice shyly in their hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अनुरूप | एक-दूसरे के योग्य | well-matched |
| बर | वर | bridegrooms |
| दुलहिनि | वधुएँ | brides |
| परस्पर | एक-दूसरे को | one another |
| लखि | देखकर | seeing |
| सकुच | संकोच सहित | shyly |
| हियँ | हृदय में | in their hearts |
| हरषहीं | प्रसन्न होते हैं | rejoice |
2सब मुदित सुंदरता सराहहिं सुमन सुर गन बरषहीं॥
English explanation
Everyone joyfully praises their beauty, while hosts of gods shower flowers.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सब लोग | everyone |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| सुंदरता | सुंदरता | beauty |
| सराहहिं | सराहते हैं | praise |
| सुमन | फूल | flowers |
| सुर | देवताओं के | of gods |
| गन | समूह | hosts |
| बरषहीं | बरसाते हैं | shower |
3सुंदरीं सुंदर बरन्ह सह सब एक मंडप राजहीं।
English explanation
All the beautiful brides shine beside their handsome bridegrooms in a single wedding pavilion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुंदरीं | सुंदर वधुएँ | beautiful brides |
| सुंदर | सुंदर | handsome |
| बरन्ह | वरों के | bridegrooms |
| सह | साथ | with |
| सब | सभी | all |
| एक | एक ही | one single |
| मंडप | मंडप में | in the wedding pavilion |
| राजहीं | सुशोभित हैं | shine |
4जनु जीव उर चारिउ अवस्था बिभुन सहित बिराजहीं॥
English explanation
It is as though the four states of consciousness dwell in the individual soul’s heart together with their presiding divine forms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनु | मानो | as though |
| जीव | जीव के | of the individual soul |
| उर | हृदय में | in the heart |
| चारिउ | चारों | all four |
| अवस्था | चेतना की अवस्थाएँ | states of consciousness |
| बिभुन | अधिष्ठाता विभुओं के | their presiding divine forms |
| सहित | साथ | together with |
| बिराजहीं | विराजती हैं | dwell in splendor |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.325
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 309
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 307, 308
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।