बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हिमगिरि गुहा एक अति पावनि। बह समीप सुरसरी सुहावनि।।
मूल पाठ
हिमगिरि गुहा एक अति पावनि। बह समीप सुरसरी सुहावनि।।
आश्रम परम पुनीत सुहावा। देखि देवरिषि मन अति भावा।।
स्रोत अभिलेख 1.125 · पुस्तक पृ. 136, 137
भावार्थ
मूल पाठ के बादहिमालय पर्वतमें एक बड़ी पवित्र गुफा थी। उसके समीप ही सुन्दर गङ्गाजी बहती थीं। वह परम पवित्र सुन्दर आश्रम देखनेपर नारदजीके मनको बहुत ही सुहावना लगा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 136 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 हिमगिरि गुहा एक अति पावनि। बह समीप सुरसरी सुहावनि।।
English explanation
In the Himalayas there was a very sacred cave, with the lovely Ganges flowing nearby.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हिमगिरि | हिमालय पर्वत में | in the Himalayas |
| गुहा | गुफा | cave |
| एक | एक | one |
| अति | अत्यंत | very |
| पावनि | पवित्र | sacred |
| बह | बहती थी | flowed |
| समीप | पास में | nearby |
| सुरसरी | देवनदी गंगा | the Ganges, the celestial river |
| सुहावनि | सुंदर | lovely |
2 आश्रम परम पुनीत सुहावा। देखि देवरिषि मन अति भावा।।
English explanation
The hermitage was very holy and beautiful; seeing it greatly pleased the divine sage Narada.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आश्रम | ऋषियों का निवास-स्थान | hermitage |
| परम | अत्यंत | supremely |
| पुनीत | पवित्र | holy |
| सुहावा | सुंदर | beautiful |
| देखि | देखकर | having seen |
| देवरिषि | देवर्षि नारद के | of Narada, the divine sage |
| मन | मन को | to the mind |
| अति | बहुत | greatly |
| भावा | अच्छा लगा | was pleasing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.125
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 136
- सहायक विषय
- अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 136, 137
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