बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरि हर जस राकेस राहु से। पर अकाज भट सहसबाहु से।।
मूल पाठ
हरि हर जस राकेस राहु से। पर अकाज भट सहसबाहु से।।
जे पर दोष लखहिं सहसाखी। पर हित घृत जिन्ह के मन माखी।।
स्रोत अभिलेख 1.4 · पुस्तक पृ. 23, 24
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो हरि और हरके यशरूपी पूॢणमाके चन्द्रमाके लिये राहुके समान हैं(अर्थात् जहाँ कहीं भगवान् विष्णु या शङ्करके यशका वर्णन होता है, उसीमें वे बाधा देते हैं) और दूसरोंकी बुराई करनेमें सहस्रबाहुके समान वीर हैं। जो दूसरोंके दोषोंको हजार आँखोंसे देखते हैं और दूसरोंके हितरूपी घीके लिये जिनका मन मक्खीके समान है(अर्थात् जिस प्रकार मक्खी घीमें गिरकर उसे खराब कर देती है और स्वयं भी मर जाती है, उसी प्रकार दुष्ट लोग दूसरोंके बने-बनाये कामको अपनी हानि करके भी बिगाड़ देते हैं)॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 23 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1हरि हर जस राकेस राहु से। पर अकाज भट सहसबाहु से।।
English explanation
They are like Rahu to the full moon of Vishnu’s and Shiva’s glory, and like the warrior Sahasrabahu in harming others.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरि | भगवान विष्णु | Lord Vishnu |
| हर | भगवान शिव | Lord Shiva |
| जस | यश | glory |
| राकेस | पूर्ण चंद्रमा | full moon |
| राहु | चंद्रमा को ग्रसने वाला राहु | Rahu, the eclipse-causing figure |
| से | जैसे | like |
| पर | दूसरों का | others’ |
| अकाज | अहित | harm |
| भट | योद्धा | warrior |
| सहसबाहु | हजार भुजाओं वाला राजा सहस्रबाहु | Sahasrabahu, the thousand-armed king |
| से | जैसे | like |
2जे पर दोष लखहिं सहसाखी। पर हित घृत जिन्ह के मन माखी।।
English explanation
They see others’ faults with a thousand eyes; others’ welfare is like clarified butter, and their minds like flies falling into it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो | who |
| पर | दूसरों के | others’ |
| दोष | दोष | faults |
| लखहिं | देखते हैं | observe |
| सहसाखी | हजार आँखों वाले होकर | with a thousand eyes |
| पर | दूसरों का | others’ |
| हित | कल्याण | welfare |
| घृत | घी | clarified butter |
| जिन्ह | जिनके | whose |
| के | के | of |
| मन | मन | minds |
| माखी | मक्खी के समान | like flies |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.4
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 23
- सहायक विषय
- खल-वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 23, 24
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।