बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरि अनंत हरिकथा अनंता। कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता।।
मूल पाठ
हरि अनंत हरिकथा अनंता। कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता।।
रामचंद्र के चरित सुहाए। कलप कोटि लगि जाहिं न गाए।।
स्रोत अभिलेख 1.14 · पुस्तक पृ. 148, 149
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीहरि अनन्त हैं (उनका कोई पार नहीं पा सकता) और उनकी कथा भी अनन्त है; सब संतलोग उसे बहुत प्रकारसे कहते-सुनते हैं। श्रीरामचन्द्रजीके सुन्दर चरित्र करोड़ कल्पोंमें भी गाये नहीं जा सकते॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 148 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 हरि अनंत हरिकथा अनंता। कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता।।
English explanation
Hari is infinite, and the stories of Hari are endless; all saints tell and hear them in many ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरि | भगवान हरि | Lord Hari |
| अनंत | अनंत; असीम | infinite; limitless |
| हरिकथा | हरि की कथा | the stories of Hari |
| अनंता | अनंत; अंतहीन | endless |
| कहहिं | कहते हैं | tell |
| सुनहिं | सुनते हैं | hear |
| बहुबिधि | अनेक प्रकार से | in many ways |
| सब | सभी | all |
| संता | संत | saints |
2 रामचंद्र के चरित सुहाए। कलप कोटि लगि जाहिं न गाए।।
English explanation
Even over tens of millions of cosmic ages, Rama’s beautiful deeds cannot be sung in their entirety.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामचंद्र | भगवान रामचंद्र | Lord Rama |
| के | के | of |
| चरित | चरित्र; लीलाएँ | deeds; divine acts |
| सुहाए | सुंदर; मनोहर | beautiful; delightful |
| कलप | कल्प; सृष्टि के दीर्घ काल | cosmic ages |
| कोटि | करोड़ों | tens of millions |
| लगि | तक | for; up to |
| जाहिं | जा सकते हैं | can be |
| न | नहीं | not |
| गाए | गाए; वर्णित किए | sung; recounted |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.14
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 148
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 148, 149
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।