बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरष बिबस तन दसा भुलानी। परे दंड इव गहि पद पानी।।
मूल पाठ
हरष बिबस तन दसा भुलानी। परे दंड इव गहि पद पानी।।
सिर परसे प्रभु निज कर कंजा। तुरत उठाए करुनापुंजा।।
स्रोत अभिलेख 1.148 · पुस्तक पृ. 155, 155
भावार्थ
मूल पाठ के बादआनन्दके अधिक वशमें हो जानेके कारण उन्हें अपने देहकी सुधि भूल गयी। वे हाथोंसे भगवान्के चरण पकड़कर दण्डकी तरह (सीधे) भू्मिपर गिर पड़े। कृपाकी राशि प्रभुने अपने करकमलोंसे उनके मस्तकोंका स्पर्श किया और उन्हें तुरंत ही उठा लिया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 155 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 हरष बिबस तन दसा भुलानी। परे दंड इव गहि पद पानी।।
English explanation
Overwhelmed with joy, they lost awareness of their bodies and fell prostrate like a staff, holding his feet with their hands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरष | आनंद से | with joy |
| बिबस | अभिभूत; अपने वश में न रहे | overwhelmed |
| तन | शरीर की | of the body |
| दसा | दशा; सुध | condition; awareness |
| भुलानी | भूल गई | was forgotten |
| परे | गिर पड़े | fell down |
| दंड | दंड; सीधी छड़ी | a straight staff |
| इव | के समान | like |
| गहि | पकड़कर | grasping |
| पद | चरण | feet |
| पानी | हाथों से | with their hands |
2 सिर परसे प्रभु निज कर कंजा। तुरत उठाए करुनापुंजा।।
English explanation
The Lord touched their heads with his own lotus-like hands and, a treasury of compassion, immediately raised them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिर | उनके सिर | their heads |
| परसे | स्पर्श किए | touched |
| प्रभु | भगवान ने | the Lord |
| निज | अपने | his own |
| कर | हाथ | hands |
| कंजा | कमल-समान | lotus-like |
| तुरत | तुरंत | immediately |
| उठाए | उन्हें उठाया | raised them |
| करुनापुंजा | करुणा की राशि; प्रभु | treasury of compassion; the Lord |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.148
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 155
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 155, 155
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।