बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरषे हेतु हेरि हर ही को। किय भूषन तिय भूषन ती को।।
मूल पाठ
हरषे हेतु हेरि हर ही को। किय भूषन तिय भूषन ती को।।
नाम प्रभाउ जान सिव नीको। कालकूट फलु दीन्ह अमी को।।
स्रोत अभिलेख 1.19 · पुस्तक पृ. 41, 41
भावार्थ
मूल पाठ के बादनामके प्रति पार्वतीजीके हृदयकी ऐसी प्रीति देखकर श्रीशिवजी हॢषत हो गये और उन्होंने स्त्रियोंमें भूषणरूप (पतिव्रताओंमें शिरोमणि) पार्वतीजीको अपना भूषण बना लिया (अर्थात् उन्हें अपने अङ्गमें धारण करके अद्र्धाङ्गिनी बना लिया)। नामके प्रभावको श्रीशिवजी भलीभाँति जानते हैं, जिस (प्रभाव) के कारण कालकूट जहरने उनको अमृतका फल दिया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 41 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 हरषे हेतु हेरि हर ही को। किय भूषन तिय भूषन ती को।।
English explanation
Seeing Bhavani’s love for him, Shiva rejoiced and made his wife, an ornament among women, his own ornament.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरषे | प्रसन्न हुए | rejoiced |
| हेतु | प्रेम | love |
| हेरि | देखकर | seeing |
| हर | शिव | Shiva |
| ही | ही | himself; indeed |
| को | के प्रति | toward |
| किय | बना लिया | made |
| भूषन | अपना आभूषण | his own ornament |
| तिय | पत्नी को | his wife |
| भूषन | भूषण; शोभा | ornament; glory |
| ती | स्त्रियों | women |
| को | का | of |
2 नाम प्रभाउ जान सिव नीको। कालकूट फलु दीन्ह अमी को।।
English explanation
Shiva knows the name’s power well: the deadly Kalakuta poison yielded for him the effect of nectar.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाम | नाम का | of the name |
| प्रभाउ | प्रभाव | power |
| जान | जानते हैं | knows |
| सिव | शिव | Shiva |
| नीको | भलीभाँति | well |
| कालकूट | कालकूट विष ने | the deadly Kalakuta poison |
| फलु | फल; प्रभाव | result; effect |
| दीन्ह | दिया | gave; yielded |
| अमी | अमृत | nectar of immortality |
| को | का | of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 41
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 41, 41
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