बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
स्याम सरीरु सुभायँ सुहावन। सोभा कोटि मनोज लजावन।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामचन्द्रजीका साँवला शरीर स्वभावसे ही सुन्दर है। उसकी शोभा करोड़ों कामदेवोंको लजानेवाली है। महावरसे युक्त चरणकमल बड़े सुहावने लगते हैं, जिनपर मुनियोंके मनरूपी भौंरे सदा छाये रहते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 311 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
स्याम सरीरु सुभायँ सुहावन। सोभा कोटि मनोज लजावन।।
जावक जुत पद कमल सुहाए। मुनि मन मधुप रहत जिन्ह छाए।।
स्रोत अभिलेख 1.327 · पुस्तक पृ. 311, 312
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 स्याम सरीरु सुभायँ सुहावन। सोभा कोटि मनोज लजावन।।
English explanation
Rama’s dark-hued body is naturally lovely; its splendor puts millions of love gods to shame.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्याम | साँवला | dark-hued |
| सरीरु | शरीर | body |
| सुभायँ | स्वभाव से ही | by its very nature |
| सुहावन | सुंदर और मनभावन | lovely and pleasing |
| सोभा | सुंदरता; शोभा | beauty; splendor |
| कोटि | करोड़ों | tens of millions of |
| मनोज | कामदेव, प्रेम और सौंदर्य के देवता | love gods, embodiments of beauty |
| लजावन | लजा देने वाली | putting to shame |
2 जावक जुत पद कमल सुहाए। मुनि मन मधुप रहत जिन्ह छाए।।
English explanation
His lotus feet, adorned with red lac dye, are lovely; the sages’ minds, like bees, remain gathered upon them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जावक | लाल महावर | red lac dye for the feet |
| जुत | से युक्त | adorned with |
| पद | चरण | feet |
| कमल | कमल के समान | likened to lotuses |
| सुहाए | सुंदर लगते हैं | are lovely |
| मुनि | मुनियों के | of the sages |
| मन | मन | minds |
| मधुप | भौंरे के समान | like bees |
| रहत | रहते हैं | remain |
| जिन्ह | जिन चरणों पर | upon which feet |
| छाए | छाए हुए; मंडराते | gathered; hovering |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.327
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 311
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 311, 312
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।