बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
स्याम गात कल कंज बिलोचन। जो मारीच सुभुज मदु मोचन।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजिनका श्याम शरीर और सुन्दर कमल-जैसे नेत्र हैं, जो मारीच और सुबाहुके मदको चूर करनेवाले और सुखकी खान हैं और जो हाथमें धनुष-बाण लिये हुए हैं, वे कौसल्याजीके पुत्र हैं; इनका नाम राम है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 218 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
स्याम गात कल कंज बिलोचन। जो मारीच सुभुज मदु मोचन।।
कौसल्या सुत सो सुख खानी। नामु रामु धनु सायक पानी।।
स्रोत अभिलेख 1.221 · पुस्तक पृ. 218, 218
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 स्याम गात कल कंज बिलोचन। जो मारीच सुभुज मदु मोचन।।
English explanation
The dark-complexioned one with lovely lotus-like eyes is he who broke the pride of Maricha and, apparently, Subahu.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्याम | श्याम वर्ण का | dark-complexioned |
| गात | शरीर | body |
| कल | सुंदर | lovely |
| कंज | कमल | lotus |
| बिलोचन | नेत्र | eyes |
| जो | जो | who |
| मारीच | मारीच राक्षस | the demon Maricha |
| सुभुज | संभवतः सुबाहु राक्षस | apparently the demon Subahu |
| मदु | अहंकार | pride |
| मोचन | दूर करने वाले | breaker of |
2 कौसल्या सुत सो सुख खानी। नामु रामु धनु सायक पानी।।
English explanation
He is Kausalya’s son, a treasure of happiness; his name is Rama, and he holds a bow and arrows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कौसल्या | राम की माता कौसल्या | Kausalya, Rama’s mother |
| सुत | पुत्र | son |
| सो | वे | he |
| सुख | सुख | happiness |
| खानी | खान; भंडार | mine; treasure |
| नामु | नाम | name |
| रामु | राम, कौसल्या के पुत्र | Rama, Kausalya’s son |
| धनु | धनुष | bow |
| सायक | बाण | arrows |
| पानी | हाथ में | in his hands |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.221
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 218
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 218, 218
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।