बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा।।
मूल पाठ
सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा।।
सुनि मुनि बचन लखन मुसुकाने। बोले परसुधरहि अपमाने।।
स्रोत अभिलेख 1.271 · पुस्तक पृ. 260, 261
भावार्थ
मूल पाठ के बादवह इस समाजको छोड़कर अलग हो जाय, नहीं तो सभी राजा मारे जायँगे। मुनिके वचन सुनकर लक्ष्मणजी मुसकराये और परशुरामजीका अपमान करते हुए बोले—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 260 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा।।
English explanation
Separate him from the gathering, making him leave it; otherwise all the kings will be killed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | उस धनुष तोड़ने वाले को | that bow-breaker |
| बिलगाउ | अलग करो | separate him |
| बिहाइ | छोड़कर | leaving |
| समाजा | सभा | the gathering |
| न | नहीं | not |
| त | तो | then |
| मारे | मारे | killed |
| जैहहिं | जाएँगे | will be |
| सब | सभी | all |
| राजा | राजा | the kings |
2 सुनि मुनि बचन लखन मुसुकाने। बोले परसुधरहि अपमाने।।
English explanation
Hearing the sage’s words, Lakshmana smiled and spoke disparagingly to the axe-bearing Parashurama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| मुनि | मुनि के | the sage’s |
| बचन | वचन | words |
| लखन | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| मुसुकाने | मुसकराए | smiled |
| बोले | बोले | spoke |
| परसुधरहि | फरसाधारी परशुराम को | to Parashurama, bearer of the axe |
| अपमाने | अपमान करते हुए | disparagingly |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.271
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 260
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 260, 261
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