बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोपि राम महिमा मुनिराया। सिव उपदेसु करत करि दाया।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे मुनिराज! वह भी राम [नाम] की ही महिमा है, क्योंकि शिवजी महाराज दया करके [काशीमें मरनेवाले जीवको] रामनामका ही उपदेश करते हैं [इसीसे उनको परमपद मिलता है]। हे प्रभो! मैं आपसे पूछता हूँ कि वे राम कौन हैं? हे कृपानिधान! मुझे समझाकर कहिये॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 68 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सोपि राम महिमा मुनिराया। सिव उपदेसु करत करि दाया।।
रामु कवन प्रभु पूछउँ तोही। कहिअ बुझाइ कृपानिधि मोही।।
स्रोत अभिलेख 1.46 · पुस्तक पृ. 68, 68
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सोपि राम महिमा मुनिराया। सिव उपदेसु करत करि दाया।।
English explanation
O chief of sages, that too is Rama’s glory; Shiva compassionately gives instruction.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोपि | वह भी | that too |
| राम | राम की | Rama’s |
| महिमा | महिमा | glory |
| मुनिराया | हे मुनिराज | O chief of sages |
| सिव | शिव | Shiva |
| उपदेसु | उपदेश | instruction |
| करत | देते हैं | gives |
| करि | करके | showing |
| दाया | दया | compassion |
2 रामु कवन प्रभु पूछउँ तोही। कहिअ बुझाइ कृपानिधि मोही।।
English explanation
O lord, I ask you: who is this Rama? O treasury of compassion, explain it clearly to me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामु | राम | Rama |
| कवन | कौन | who |
| प्रभु | हे स्वामी | O lord |
| पूछउँ | मैं पूछता हूँ | I ask |
| तोही | आपसे | you |
| कहिअ | कहिए | please tell |
| बुझाइ | समझाकर | explaining clearly |
| कृपानिधि | हे कृपा के भंडार | O treasury of compassion |
| मोही | मुझे | to me |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.46
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 68
- सहायक विषय
- याज्ञवल्क्य-भरद्वाज-संवाद तथा प्रयाग-माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 68, 68
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।