बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोइ जस गाइ भगत भव तरहीं। कृपासिंधु जन हित तनु धरहीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउसी यशको गा-गाकर भक्तजन भवसागरसे तर जाते हैं। कृपासागर भगवान् भक्तोंके हितके लिये शरीर धारण करते हैं। श्रीरामचन्द्रजीके जन्म लेनेके अनेक कारण हैं, जो एक-से-एक बढ़कर विचित्र हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 134 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सोइ जस गाइ भगत भव तरहीं। कृपासिंधु जन हित तनु धरहीं।।
राम जनम के हेतु अनेका। परम बिचित्र एक तें एका।।
स्रोत अभिलेख 1.122 · पुस्तक पृ. 134, 134
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सोइ जस गाइ भगत भव तरहीं। कृपासिंधु जन हित तनु धरहीं।।
English explanation
By singing his glory, devotees cross the ocean of worldly existence. The Lord, an ocean of compassion, assumes a body for his devotees’ welfare.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोइ | उन्हीं का | his very own |
| जस | यश | glory |
| गाइ | गाकर | by singing |
| भगत | भक्त | devotees |
| भव | संसार-सागर | the ocean of worldly existence |
| तरहीं | पार होते हैं | cross over |
| कृपासिंधु | कृपा के सागर भगवान | the Lord, an ocean of compassion |
| जन | भक्तों के | of devotees |
| हित | कल्याण के लिए | for the welfare |
| तनु | शरीर | a body |
| धरहीं | धारण करते हैं | assumes |
2 राम जनम के हेतु अनेका। परम बिचित्र एक तें एका।।
English explanation
There are many reasons for Rama’s birth, each more wondrous than the next.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम | Rama, the Lord |
| जनम | जन्म | birth |
| के | के | of; for |
| हेतु | कारण | reasons |
| अनेका | अनेक हैं | are many |
| परम | अत्यंत | extremely |
| बिचित्र | अद्भुत | wondrous |
| एक | एक | one |
| तें | से बढ़कर | surpassing |
| एका | दूसरा | another |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.122
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 134
- सहायक विषय
- अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 134, 134
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।