बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुरन्ह सुमंगल अवसरु जाना। बरषहिं सुमन बजाइ निसाना।।
मूल पाठ
सुरन्ह सुमंगल अवसरु जाना। बरषहिं सुमन बजाइ निसाना।।
सिव ब्रह्मादिक बिबुध बरूथा। चढ़े बिमानन्हि नाना जूथा।।
स्रोत अभिलेख 1.314 · पुस्तक पृ. 295, 295
भावार्थ
मूल पाठ के बाददेवगण सुन्दर मङ्गलका अवसर जानकर, नगाड़े बजा-बजाकर फूल बरसाते हैं। शिवजी, ब्रह्माजी आदि देववृन्द यूथ (टोलियाँ) बना-बनाकर विमानोंपर जा चढ़े॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 295 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुरन्ह सुमंगल अवसरु जाना। बरषहिं सुमन बजाइ निसाना।।
English explanation
The gods recognized this as a most auspicious occasion and showered flowers while sounding kettledrums.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुरन्ह | देवताओं ने | the gods |
| सुमंगल | अत्यंत मंगलमय | most auspicious |
| अवसरु | अवसर | occasion |
| जाना | समझा; पहचाना | recognized |
| बरषहिं | बरसाते हैं | shower |
| सुमन | फूल | flowers |
| बजाइ | बजाकर | while sounding |
| निसाना | नगाड़े | kettledrums |
2 सिव ब्रह्मादिक बिबुध बरूथा। चढ़े बिमानन्हि नाना जूथा।।
English explanation
Many groups of gods, including Shiva and Brahma, mounted celestial vehicles.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिव | भगवान शिव | Lord Shiva |
| ब्रह्मादिक | ब्रह्मा आदि | Brahma and others |
| बिबुध | देवता | gods |
| बरूथा | समूह | hosts |
| चढ़े | सवार हुए | mounted |
| बिमानन्हि | विमानों पर | on celestial vehicles |
| नाना | अनेक | many |
| जूथा | दल | groups |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.314
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 295
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 295, 295
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