बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुमिरि रामु गुर आयसु पाई। चले महीपति संख बजाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामचन्द्रजीका स्मरण करके, गुरुकी आज्ञा पाकर पृथ्वीपति दशरथजी शंख बजाकर चले। बारात देखकर देवता हॢषत हुए और सुन्दर मङ्गलदायक फूलोंकी वर्षा करने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 285 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुमिरि रामु गुर आयसु पाई। चले महीपति संख बजाई।।
हरषे बिबुध बिलोकि बराता। बरषहिं सुमन सुमंगल दाता।।
स्रोत अभिलेख 1.302 · पुस्तक पृ. 285, 285
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुमिरि रामु गुर आयसु पाई। चले महीपति संख बजाई।।
English explanation
Remembering Rama and receiving his preceptor’s permission, the king set out with the conch sounded.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुमिरि | स्मरण करके | having remembered |
| रामु | श्रीराम को | Rama |
| गुर | गुरु वसिष्ठ की | of the preceptor Vashishtha |
| आयसु | आज्ञा | permission; command |
| पाई | पाकर | having received |
| चले | प्रस्थान किया | set out |
| महीपति | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| संख | शंख | conch |
| बजाई | बजाकर; बजवाकर | having sounded; having it sounded |
2 हरषे बिबुध बिलोकि बराता। बरषहिं सुमन सुमंगल दाता।।
English explanation
The gods rejoiced at seeing the wedding procession; those bestowers of auspicious blessings shower flowers.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरषे | हर्षित हुए | rejoiced |
| बिबुध | देवता | the gods |
| बिलोकि | देखकर | on seeing |
| बराता | बारात को | the wedding procession |
| बरषहिं | बरसाते हैं | shower |
| सुमन | फूल | flowers |
| सुमंगल | शुभ मंगल के | of auspicious blessings |
| दाता | देने वाले | bestowers |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.302
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 285
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 285, 285
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।