बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुमति भूमि थल हृदय अगाधू। बेद पुरान उदधि घन साधू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसुन्दर (सात्त्विकी) बुद्धि भूमि है, हृदय ही उसमें गहरा स्थान है, वेद-पुराण समुद्र हैं और साधु-संत मेघ हैं। वे (साधुरूपी मेघ) श्रीरामजीके सुयशरूपी सुन्दर, मधुर, मनोहर और मङ्गलकारी जलकी वर्षा करते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 58 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुमति भूमि थल हृदय अगाधू। बेद पुरान उदधि घन साधू।।
बरषहिं राम सुजस बर बारी। मधुर मनोहर मंगलकारी।।
स्रोत अभिलेख 1.36 · पुस्तक पृ. 58, 59
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुमति भूमि थल हृदय अगाधू। बेद पुरान उदधि घन साधू।।
English explanation
Good understanding is the ground, and the heart its deep basin; the Vedas and Puranas are the ocean, and saints are clouds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुमति | सद्बुद्धि | good understanding |
| भूमि | भूमि | ground |
| थल | स्थल; सरोवर का स्थान | site; the lake’s basin |
| हृदय | हृदय | heart |
| अगाधू | अथाह गहरा | unfathomably deep |
| बेद | वेद | the Vedas |
| पुरान | पुराण | the Puranas |
| उदधि | समुद्र | ocean |
| घन | बादल | clouds |
| साधू | संतजन | saints |
2 बरषहिं राम सुजस बर बारी। मधुर मनोहर मंगलकारी।।
English explanation
The saints rain down the excellent water of Rama’s glorious renown, sweet, delightful, and auspicious.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरषहिं | बरसाते हैं | rain down |
| राम | भगवान राम का | of Lord Rama |
| सुजस | सुंदर यश | glorious renown |
| बर | उत्तम | excellent |
| बारी | जल | water |
| मधुर | मीठा; मधुर | sweet |
| मनोहर | मन को भाने वाला | delightful |
| मंगलकारी | मंगल करने वाला | bringing auspiciousness |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 58
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 58, 59
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।