बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
संभु प्रसाद सुमति हियँ हुलसी। रामचरितमानस कबि तुलसी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीशिवजीकी कृपासे उसके हृदयमें सुन्दर बुद्धिका विकास हुआ, जिससे यह तुलसीदास श्रीरामचरितमानसका कवि हुआ। अपनी बुद्धिके अनुसार तो वह इसे मनोहर ही बनाता है। किंतु फिर भी हे सज्जनो! सुन्दर चित्तसे सुनकर इसे आप सुधार लीजिये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 58 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
संभु प्रसाद सुमति हियँ हुलसी। रामचरितमानस कबि तुलसी।।
करइ मनोहर मति अनुहारी। सुजन सुचित सुनि लेहु सुधारी।।
स्रोत अभिलेख 1.36 · पुस्तक पृ. 58, 59
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 संभु प्रसाद सुमति हियँ हुलसी। रामचरितमानस कबि तुलसी।।
English explanation
AI-generated draft: By Shiva’s grace, good understanding blossomed in the heart; the poet Tulsidas composes the Ramcharitmanas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संभु | शिव | Shiva |
| प्रसाद | कृपा से | by the grace of |
| सुमति | सद्बुद्धि | good understanding |
| हियँ | हृदय में | in the heart |
| हुलसी | उमगी; आनंदित हुई | blossomed with joy |
| रामचरितमानस | राम के चरित का मानस-सरोवर रूपी काव्य | the poem envisioned as a lake of Rama’s deeds |
| कबि | कवि | poet |
| तुलसी | कवि तुलसीदास | Tulsidas, the poet |
2 करइ मनोहर मति अनुहारी। सुजन सुचित सुनि लेहु सुधारी।।
English explanation
He makes it pleasing according to his understanding. Good people, listen attentively and receive it after making corrections.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करइ | रचना करते हैं | composes |
| मनोहर | मन को भाने वाला | pleasing |
| मति | अपनी बुद्धि | his understanding |
| अनुहारी | के अनुरूप | in accordance with |
| सुजन | हे सज्जनो | O good people |
| सुचित | एकाग्र और निर्मल चित्त से | with attentive, clear minds |
| सुनि | सुनकर | having listened |
| लेहु | ग्रहण करें | receive it |
| सुधारी | सुधारकर | after correcting it |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 58
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 58, 59
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।