बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लीला सगुन जो कहहिं बखानी। सोइ स्वच्छता करइ मल हानी।।
मूल पाठ
लीला सगुन जो कहहिं बखानी। सोइ स्वच्छता करइ मल हानी।।
प्रेम भगति जो बरनि न जाई। सोइ मधुरता सुसीतलताई।।
स्रोत अभिलेख 1.36 · पुस्तक पृ. 58, 59
भावार्थ
मूल पाठ के बादसगुण लीलाका जो विस्तारसे वर्णन करते हैं, वही राम-सुयशरूपी जलकी निर्मलता है, जो मलका नाश करती है; और जिस प्रेमाभक्तिका वर्णन नहीं किया जा सकता, वही इस जलकी मधुरता और सुन्दर शीतलता है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 58 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लीला सगुन जो कहहिं बखानी। सोइ स्वच्छता करइ मल हानी।।
English explanation
The saints’ detailed telling of Rama’s manifest divine deeds is this water’s clarity, which removes impurity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लीला | राम की लीलाएँ | Rama’s divine deeds |
| सगुन | सगुण रूप की | of the divine in manifest form |
| जो | जिनका; जो वर्णन | which; the telling that |
| कहहिं | कहते हैं | they recount |
| बखानी | विस्तार से वर्णन करके | describing in detail |
| सोइ | वही | that very thing |
| स्वच्छता | निर्मलता | clarity; purity |
| करइ | करती है | causes |
| मल | मैल; आंतरिक अशुद्धि का | of dirt; inner impurity |
| हानी | नाश | removal |
2 प्रेम भगति जो बरनि न जाई। सोइ मधुरता सुसीतलताई।।
English explanation
The loving devotion that cannot be described is this water’s sweetness and soothing coolness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रेम | प्रेम | love |
| भगति | भक्ति | devotion |
| जो | जिसका | which |
| बरनि | वर्णन किया | be described |
| न | नहीं | not |
| जाई | जा सकता | can be |
| सोइ | वही | that very devotion |
| मधुरता | मिठास | sweetness |
| सुसीतलताई | सुखद शीतलता | soothing coolness |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 58
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 58, 59
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।