बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी।।
मूल पाठ
सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी।।
नारद बचन सदा सुचि साचा। सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा।।
स्रोत अभिलेख 1.236 · पुस्तक पृ. 230, 231
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे सीता! हमारी सच्ची आसीस सुनो, तुम्हारी मन:कामना पूरी होगी। नारदजीका वचन सदा पवित्र (संशय, भ्रम आदि दोषोंसे रहित) और सत्य है। जिसमें तुम्हारा मन अनुरक्त हो गया है, वही वर तुमको मिलेगा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 231 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी।।
English explanation
Listen, Sita: our blessing is true; your heart's desire will be fulfilled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| सिय | हे सीता | O Sita |
| सत्य | सत्य; अवश्य फलने वाला | true; sure to take effect |
| असीस | आशीर्वाद | blessing |
| हमारी | हमारा | our |
| पूजिहि | पूरी होगी | will be fulfilled |
| मन | मन की | of the heart |
| कामना | इच्छा | desire |
| तुम्हारी | तुम्हारी | your |
2 नारद बचन सदा सुचि साचा। सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा।।
English explanation
Narada's word is always pure and true. You will obtain the very bridegroom to whom your heart is attached.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नारद | देवर्षि नारद का | of Narada, the divine sage |
| बचन | वचन | word |
| सदा | सदा | always |
| सुचि | पवित्र | pure |
| साचा | सत्य | true |
| सो | वही | that very |
| बरु | वर; भावी पति | bridegroom; future husband |
| मिलिहि | तुम्हें मिलेगा | you will obtain |
| जाहिं | जिसमें; जिसके प्रति | to whom |
| मनु | मन | heart |
| राचा | अनुरक्त है | is attached |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.236
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 231
- सहायक विषय
- श्रीसीताजीका पार्वती-पूजन एवं वरदानप्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 230, 231
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।