बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनु नृप बिबिध जतन जग माहीं। कष्टसाध्य पुनि होहिं कि नाहीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[तपस्वीने कहा—] हे राजन्! सुनो, संसारमें उपाय तो बहुत हैं; पर वे कष्टसाध्य हैं (बड़ी कठिनतासे बननेमें आते हैं) और इसपर भी सिद्ध हों या न हों (उनकी सफलता निश्चित नहीं है) हाँ, एक उपाय बहुत सहज है; परन्तु उसमें भी एक कठिनता है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 170 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुनु नृप बिबिध जतन जग माहीं। कष्टसाध्य पुनि होहिं कि नाहीं।।
अहइ एक अति सुगम उपाई। तहाँ परंतु एक कठिनाई।।
स्रोत अभिलेख 1.167 · पुस्तक पृ. 170, 171
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनु नृप बिबिध जतन जग माहीं। कष्टसाध्य पुनि होहिं कि नाहीं।।
English explanation
AI draft: Listen, O king: there are many means in the world, but are they not accomplished with difficulty?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| नृप | हे राजन् | O king |
| बिबिध | अनेक प्रकार के | various |
| जतन | उपाय | means or methods |
| जग | संसार | the world |
| माहीं | में | in |
| कष्टसाध्य | कष्ट से पूरे होने वाले | accomplished with difficulty |
| पुनि | फिर भी | yet |
| होहिं | होते हैं | are |
| कि | क्या | whether; introduces the question |
| नाहीं | नहीं | not |
2 अहइ एक अति सुगम उपाई। तहाँ परंतु एक कठिनाई।।
English explanation
There is one very easy method, but it presents one difficulty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अहइ | है | there is |
| एक | एक | one |
| अति | बहुत | very |
| सुगम | सरल | easy |
| उपाई | उपाय | method |
| तहाँ | उसमें | in that |
| परंतु | परंतु | but |
| एक | एक | one |
| कठिनाई | कठिनाई | difficulty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.167
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 170
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 170, 171
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।