बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मम आधीन जुगुति नृप सोई। मोर जाब तव नगर न होई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे राजन्! वह युक्ति तो मेरे हाथ है, पर मेरा जाना तुम्हारे नगरमें हो नहीं सकता। जबसे पैदा हुआ हूँ, तबसे आजतक मैं किसीके घर अथवा गाँव नहीं गया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 170 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मम आधीन जुगुति नृप सोई। मोर जाब तव नगर न होई।।
आजु लगें अरु जब तें भयऊँ। काहू के गृह ग्राम न गयऊँ।।
स्रोत अभिलेख 1.167 · पुस्तक पृ. 170, 171
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मम आधीन जुगुति नृप सोई। मोर जाब तव नगर न होई।।
English explanation
O king, that method is within my power, but I cannot go to your city.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मम | मेरे | my |
| आधीन | वश में | under control |
| जुगुति | युक्ति; उपाय | method; device |
| नृप | हे राजन् | O king |
| सोई | वही | that very one |
| मोर | मेरा | my |
| जाब | जाना | going |
| तव | तुम्हारे | your |
| नगर | नगर में | to the city |
| न | नहीं | not |
| होई | हो सकता | can happen |
2 आजु लगें अरु जब तें भयऊँ। काहू के गृह ग्राम न गयऊँ।।
English explanation
To this day, ever since I was born, I have not visited anyone's house or village.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आजु | आज | today |
| लगें | तक | up to |
| अरु | और | and |
| जब | जब | when |
| तें | से | since |
| भयऊँ | मैं जन्मा | I was born |
| काहू | किसी | anyone |
| के | के | of; belonging to |
| गृह | घर | house |
| ग्राम | गाँव | village |
| न | नहीं | not |
| गयऊँ | मैं गया | I went |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.167
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 170
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 170, 171
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।