बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि सिसु रुदन परम प्रिय बानी। संभ्रम चलि आई सब रानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दबच्चेके रोनेकी बहुत ही प्यारी ध्वनि सुनकर सब रानियाँ उतावली होकर दौड़ी चली आयीं। दासियाँ हॢषत होकर जहाँ-तहाँ दौड़ीं। सारे पुरवासी आनन्दमें मग्र हो गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 193 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुनि सिसु रुदन परम प्रिय बानी। संभ्रम चलि आई सब रानी।।
हरषित जहँ तहँ धाईं दासी। आनँद मगन सकल पुरबासी।।
स्रोत अभिलेख 1.193 · पुस्तक पृ. 193, 194
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनि सिसु रुदन परम प्रिय बानी। संभ्रम चलि आई सब रानी।।
English explanation
Hearing the deeply beloved sound of the infant crying, all the queens hurried over in eager excitement.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सिसु | शिशु का | of the infant |
| रुदन | रोना | crying |
| परम | अत्यंत | supremely |
| प्रिय | प्रिय | beloved |
| बानी | ध्वनि | sound |
| संभ्रम | उत्सुकता और हड़बड़ी में | in eager haste |
| चलि | चलकर | setting out |
| आई | आ गईं | came |
| सब | सभी | all |
| रानी | रानियाँ | queens |
2 हरषित जहँ तहँ धाईं दासी। आनँद मगन सकल पुरबासी।।
English explanation
Delighted maidservants hurried here and there; all the townspeople were immersed in joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरषित | प्रसन्न | delighted |
| जहँ | जहाँ | where |
| तहँ | वहाँ | there |
| धाईं | दौड़ीं | hurried |
| दासी | दासियाँ | maidservants |
| आनँद | आनंद में | in joy |
| मगन | मग्न | immersed |
| सकल | सभी | all |
| पुरबासी | नगरवासी | townspeople |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.193
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 193
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 193, 194
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।