बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि बोलीं मुसकाइ भवानी। उचित कहेहु मुनिबर बिग्यानी।।
मूल पाठ
सुनि बोलीं मुसकाइ भवानी। उचित कहेहु मुनिबर बिग्यानी।।
तुम्हरें जान कामु अब जारा। अब लगि संभु रहे सबिकारा।।
स्रोत अभिलेख 1.9 · पुस्तक पृ. 104, 105
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह सुनकर पार्वतीजी मुसकराकर बोलीं—हे विज्ञानी मुनिवरो! आपने उचित ही कहा। आपकी समझमें शिवजीने कामदेवको अब जलाया है, अबतक तो वे विकारयुक्त (कामी) ही रहे!॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 104 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुनि बोलीं मुसकाइ भवानी। उचित कहेहु मुनिबर बिग्यानी।।
English explanation
This is an AI-generated draft interpretation. Hearing this, Bhavani smiled and said, “Wise, eminent sages, you have spoken aptly!”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| बोलीं | बोलीं | said |
| मुसकाइ | मुसकराकर | with a smile |
| भवानी | पार्वती | Parvati, the goddess |
| उचित | उचित बात | what is fitting |
| कहेहु | आपने कहा | you have said |
| मुनिबर | हे श्रेष्ठ मुनियो | O eminent sages |
| बिग्यानी | ज्ञानी | wise |
2 तुम्हरें जान कामु अब जारा। अब लगि संभु रहे सबिकारा।।
English explanation
In your understanding, the god of desire has only now been burned; so Shiva must have been subject to desire until now!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्हरें | आपकी | your |
| जान | समझ में | in the understanding of |
| कामु | कामदेव | the god of desire |
| अब | अब | now |
| जारा | जलाए गए | was burned |
| अब | अब | now |
| लगि | तक | until |
| संभु | शिव | Shiva |
| रहे | रहे | remained |
| सबिकारा | काम-विकार से युक्त | subject to desire |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 104
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 104, 105
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।