बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि प्रभु बचन जोरि जुग पानी। धरि धीरजु बोली मृदु बानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दप्रभुके वचन सुनकर, दोनों हाथ जोड़कर और धीरज धरकर राजाने कोमल वाणी कही— हे नाथ! आपके चरणकमलोंको देखकर अब हमारी सारी मन:कामनाएँ पूरी हो गयीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 155 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुनि प्रभु बचन जोरि जुग पानी। धरि धीरजु बोली मृदु बानी।।
नाथ देखि पद कमल तुम्हारे। अब पूरे सब काम हमारे।।
स्रोत अभिलेख 1.149 · पुस्तक पृ. 155, 156
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनि प्रभु बचन जोरि जुग पानी। धरि धीरजु बोली मृदु बानी।।
English explanation
Hearing the Lord’s words, the speaker joined both hands, gathered composure, and spoke gently.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| प्रभु | प्रभु के | the Lord’s |
| बचन | वचन | words |
| जोरि | जोड़कर | joining |
| जुग | दोनों | both |
| पानी | हाथ | hands |
| धरि | धारण करके | gathering |
| धीरजु | धैर्य | composure |
| बोली | बोले | spoke |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बानी | वाणी में | in speech |
2 नाथ देखि पद कमल तुम्हारे। अब पूरे सब काम हमारे।।
English explanation
O Lord, having beheld your lotus feet, all my wishes are now fulfilled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी | O Lord |
| देखि | देखकर | having beheld |
| पद | चरण | feet |
| कमल | कमल-सदृश | lotus-like |
| तुम्हारे | आपके | your |
| अब | अब | now |
| पूरे | पूर्ण हो गए | are fulfilled |
| सब | सभी | all |
| काम | अभिलाषाएँ | wishes |
| हमारे | हमारी | my |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.149
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 155
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 155, 156
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।