बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि अस ब्याहु सगुन सब नाचे। अब कीन्हे बिरंचि हम साँचे।।
मूल पाठ
सुनि अस ब्याहु सगुन सब नाचे। अब कीन्हे बिरंचि हम साँचे।।
एहि बिधि कीन्ह बरात पयाना। हय गय गाजहिं हने निसाना।।
स्रोत अभिलेख 1.304 · पुस्तक पृ. 286, 287
भावार्थ
मूल पाठ के बादऐसा ब्याह सुनकर मानो सभी शकुन नाच उठे [और कहने लगे—] अब ब्रह्माजीने हमको सच्चा कर दिया। इस तरह बारातने प्रस्थान किया। घोड़े, हाथी गरज रहे हैं और नगाड़ोंपर चोट लग रही है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 287 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनि अस ब्याहु सगुन सब नाचे। अब कीन्हे बिरंचि हम साँचे।।
English explanation
Hearing of such a wedding, all the auspicious omens danced, saying, ‘Now Brahma has made us come true.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| अस | ऐसा | such |
| ब्याहु | विवाह | wedding |
| सगुन | शुभ शकुन | auspicious omens |
| सब | सभी | all |
| नाचे | नाच उठे | danced |
| अब | अब | now |
| कीन्हे | बना दिया | has made |
| बिरंचि | ब्रह्मा ने | Brahma, the creator |
| हम | हमें | us |
| साँचे | सच्चे, फलित | true; fulfilled |
2 एहि बिधि कीन्ह बरात पयाना। हय गय गाजहिं हने निसाना।।
English explanation
Thus the wedding procession set out. Horses and elephants sounded, and kettledrums were struck.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार से | in this manner |
| कीन्ह | किया | made; undertook |
| बरात | वर की विवाह-यात्रा | the groom’s wedding procession |
| पयाना | प्रस्थान | departure |
| हय | घोड़े | horses |
| गय | हाथी | elephants |
| गाजहिं | गर्जते, ऊँची आवाज करते हैं | sound loudly; trumpet or neigh |
| हने | बजाए गए, चोट की गई | were struck |
| निसाना | नगाड़े | kettledrums |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.304
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 287
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 286, 287
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।