बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनहु भानुकुल पंकज भानू। कहउँ सुभाउ न कछु अभिमानू।।
मूल पाठ
सुनहु भानुकुल पंकज भानू। कहउँ सुभाउ न कछु अभिमानू।।
जौ तुम्हारि अनुसासन पावौं। कंदुक इव ब्रह्मांड उठावौं।।
स्रोत अभिलेख 1.253 · पुस्तक पृ. 245, 246
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे सूर्यकुलरूपी कमलके सूर्य! सुनिये, मैं स्वभावहीसे कहता हूँ, कुछ अभिमान करके नहीं, यदि आपकी आज्ञा पाऊँ, तो मैं ब्रह्माण्डको गेंदकी तरह उठा लूँ॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 246 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुनहु भानुकुल पंकज भानू। कहउँ सुभाउ न कछु अभिमानू।।
English explanation
Listen, Rama, sun to the lotus of the solar lineage! I speak according to my nature, with no conceit at all.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनहु | सुनिए | listen |
| भानुकुल | सूर्यवंश | the solar lineage |
| पंकज | कमल | lotus |
| भानू | हे सूर्यरूपी राम | O Rama, its sun |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I say |
| सुभाउ | अपने स्वभाव के अनुसार | according to my nature |
| न | नहीं | not |
| कछु | कुछ भी | any at all |
| अभिमानू | अभिमान | conceit |
2 जौ तुम्हारि अनुसासन पावौं। कंदुक इव ब्रह्मांड उठावौं।।
English explanation
If I receive your command, I could lift the universe like a ball.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौ | यदि | if |
| तुम्हारि | आपकी | your |
| अनुसासन | आज्ञा | command |
| पावौं | मैं पाऊँ | I receive |
| कंदुक | गेंद | a ball |
| इव | की तरह | like |
| ब्रह्मांड | ब्रह्मांड को | the universe |
| उठावौं | मैं उठा लूँ | I could lift |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.253
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 246
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 245, 246
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।