बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनत गिरा बिधि गगन बखानी। पुलक गात गिरिजा हरषानी।।
मूल पाठ
सुनत गिरा बिधि गगन बखानी। पुलक गात गिरिजा हरषानी।।
उमा चरित सुंदर मैं गावा। सुनहु संभु कर चरित सुहावा।।
स्रोत अभिलेख 1.75 · पुस्तक पृ. 91, 92
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[इस प्रकार ] आकाशसे कही हुई ब्रह्माकी वाणीको सुनते ही पार्वतीजी प्रसन्न हो गयीं और [हर्षके मारे] उनका शरीर पुलकित हो गया। [याज्ञवल्क्यजी भरद्वाजजीसे बोले कि] मैंने पार्वतीका सुन्दर चरित्र सुनाया, अब शिवजीका सुहावना चरित्र सुनो॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 91 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुनत गिरा बिधि गगन बखानी। पुलक गात गिरिजा हरषानी।।
English explanation
Hearing Brahma’s utterance spoken from the sky, Girija rejoiced, and her body thrilled with goosebumps.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| गिरा | वाणी | utterance |
| बिधि | ब्रह्मा की | of Brahma |
| गगन | आकाश से | from the sky |
| बखानी | कही गई | spoken |
| पुलक | रोमांच, पुलक | thrill; goosebumps |
| गात | शरीर | body |
| गिरिजा | गिरिजा, पर्वतराज की पुत्री पार्वती | Girija, Parvati, daughter of the mountain king |
| हरषानी | हर्षित हुईं | rejoiced |
2 उमा चरित सुंदर मैं गावा। सुनहु संभु कर चरित सुहावा।।
English explanation
I have sung Uma’s beautiful story; now listen to Shiva’s delightful story.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उमा | उमा, पार्वती का | of Uma, Parvati |
| चरित | चरित्र, जीवन-कथा | story; deeds |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| मैं | मैंने | I |
| गावा | गाया, वर्णन किया | sang; recounted |
| सुनहु | सुनो | listen |
| संभु | शंभु, शिव | Shambhu, Shiva |
| कर | का | of |
| चरित | चरित्र, जीवन-कथा | story; deeds |
| सुहावा | मनोहर | delightful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.75
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 91
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 91, 92
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