बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुदिन सोधि कल कंकन छौरे। मंगल मोद बिनोद न थोरे।।
मूल पाठ
सुदिन सोधि कल कंकन छौरे। मंगल मोद बिनोद न थोरे।।
नित नव सुखु सुर देखि सिहाहीं। अवध जन्म जाचहिं बिधि पाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.36 · पुस्तक पृ. 339, 340
भावार्थ
मूल पाठ के बादअच्छा दिन (शुभ मुहूर्त) शोधकर सुन्दर कङ्कण खोले गये। मङ्गल, आनन्द और विनोद कुछ कम नहीं हुए (अर्थात् बहुत हुए)। इस प्रकार नित्य नये सुखको देखकर देवता सिहाते हैं और अयोध्यामें जन्म पानेके लिये ब्रह्माजीसे याचना करते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 339 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुदिन सोधि कल कंकन छौरे। मंगल मोद बिनोद न थोरे।।
English explanation
AI draft: After an auspicious day was determined, the lovely wedding wrist-threads were untied. Auspicious celebrations, joy, and merriment were abundant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुदिन | शुभ दिन | auspicious day |
| सोधि | खोजकर; निर्धारित करके | having determined |
| कल | सुंदर | lovely |
| कंकन | विवाह के कंकण | ceremonial wedding wrist-threads |
| छौरे | खोले गए | were untied |
| मंगल | मंगलोत्सव | auspicious celebrations |
| मोद | आनंद | joy |
| बिनोद | आमोद-प्रमोद | merriment |
| न | नहीं | not |
| थोरे | थोड़े; कम | small in amount |
2 नित नव सुखु सुर देखि सिहाहीं। अवध जन्म जाचहिं बिधि पाहीं।।
English explanation
Seeing fresh happiness every day, even the gods long for it and ask Brahma for birth in Ayodhya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नित | प्रतिदिन | daily |
| नव | नया | new |
| सुखु | सुख | happiness |
| सुर | देवता | the gods |
| देखि | देखकर | seeing |
| सिहाहीं | लालसा करते हैं | long for it |
| अवध | अयोध्या में | in Ayodhya |
| जन्म | जन्म | birth |
| जाचहिं | माँगते हैं | ask for |
| बिधि | ब्रह्मा से | from Brahma, the creator |
| पाहीं | के पास; से | from; at the presence of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 339
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 339, 340
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।